गढ़वाल राइफल्स की पासिंग आउट परेड में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर पुनरीक्षक अधिकारी के रूप में 69वें कोर्स के 184 रिक्रूटों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स के रणबांकरों का युद्ध इतिहास बहादुरी, साहस व वीरता के किस्सों से भरा हुआ है। गढ़वाल राइफल्स के वीरों ने अपने साहस और शौर्य से रेजीमेंट व देश का नाम रोशन किया है। सीएम ने नवप्रशिक्षित रिक्रूटों से कहा कि सर्वोत्तम सैनिक बनने के लिए ईमानदारी, वफादारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं अनुशासन जैसे गुणों का विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जवानों की परेड का निरीक्षण भी किया। जयप्रकाश सकलानी व परेड की चार टुकड़ियों का गौरव सिंह, मुकेश सिंह, राहुल लस्यिाल व पवन सिंह के नेतृत्व में नवप्रशिक्षित जवानों ने परेड का प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सलामी दी। रिक्रूटों ने राष्ट्रीय ध्वज के समक्ष उसकी हिफाजत और धार्मिक ग्रंथ पर हाथ रखकर देश की मर्यादा को बनाए रखने का संकल्प लिया। इन टोलियों का नेतृत्व धार्मिक गुरु शशांक शेखर डिमरी, सूबेदार पंकज, सूबेदार हेमंत, नायब सूबेदार रंजीत सिंह, सीएचएम नरेंद्र सिंह और अमित सिंह ने किया।
इस अवसर पर भारतीय सेना के उप थलसेनाध्यक्ष ले. जनरल शरत चंद, लैंसडौन विधायक दिलीप रावत, मसूरी विधायक गणेश जोशी, ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी, जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट, एसएसपी मुख्तार मोहसिन, एएसपी सरिता डोबाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर, कैंट उपाध्यक्ष डा. एसपी नैथानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नवप्रशिक्षित जवानों को सम्मानित किया
34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में अग्रणी रहे रिक्रटों को मुख्यमंत्री ने पदक प्रदान कर सम्मान दिया। ओवरआल गतिविधियों में अग्रणी रहे रोहित सिंह को स्वर्ण, रवींद्र सिंह को रजत, उमेश लोधी को कांस्य पदक प्रदान किए गए।
बेस्ट फायरिंग के लिए जीत सिंह, ड्रिल के लिए जयप्रकाश सकलानी, बेस्ट एनसीओ हवलदार दिवाकर, बेस्ट जेसीओ का नायब सूबेदार सुरजीत सिंह को पदक व प्रशस्ति पत्र प्रदान देकर सम्मानित किया गया। चैंपियन बैनर का खिताब सूबेदार कलम सिंह 22 प्लाटून को दिया गया।
सेना के मैदान पहुंचकर भावविभोर हुए सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पिता राइफलमैन स्व. प्रताप सिंह रावत ने द्वितीय गढ़वाल राइफल्स में सेवाएं दी थीं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपनी विशिष्ट सेवा की छाप छोड़ते रेजीमेंट का नाम रोशन किया था। इस अवसर पर सीएम ने युद्ध स्मारक जाकर वीर सैनिकों की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित किए। इस दौरान वह भाव विभोर हो गए।