सनेह पट्टी व भाबर के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कर रहे सिटी बस संंचालन की मांग
कोटद्वार। नगर निगम में शामिल ग्रामीण अंचल के वार्डों की परिवहन व्यवस्था अब भी ऑटो और ई-रिक्शा के भरोसे है। सनेह पट्टी के तीन वार्डों के साथ ही भाबर के मवाकोट, नंदपुर, सत्तीचौड़ समेत अन्य ग्रामीण वार्डों के लोग रोजमर्रा के काम के लिए इन्हीं साधनों से शहर तक आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने नगर निगम क्षेत्र में सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई है।
सनेह पट्टी के तीन वार्डों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए कोटद्वार शहर आते-जाते हैं। इन क्षेत्रों में नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भर रहना पड़ता है। कमोवेश यही स्थिति भाबर के ग्रामीण अंचल के वार्डों की भी है।
वर्तमान में कोटद्वार से हल्दूखाता, कलालघाटी, ढोका, किशनपुर होते हुए झंडीचौड़ के लिए रोडवेज की तीन बस सेवाएं संचालित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अन्य क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवा नहीं होने से जीप, ऑटो और ई-रिक्शा ही आवागमन का प्रमुख साधन हैं। इससे विशेषकर दूरस्थ वार्डों के लोगों को शहर आने-जाने में परेशानी होती है। उत्तराखंड विकास समिति समेत कई संस्थाओं की ओर से सिटी बस सेवा संचालन की मांग नगर निगम, प्रशासन व संबंधित विभागों से की जा रही है।
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सिटी बस संचालन को लेकर अभी तक जनप्रतिनिधियों की ओर से बोर्ड बैठक में कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है। प्रस्ताव मिलने पर उसके गुण-दोष के आधार पर बोर्ड बैठक में विचार किया जाएगा।
-पीएल शाह, आयुक्त नगर निगम कोटद्वार