यूजर्स चार्जेज के विरोध में लैंसडौन में बैठक करते नागरिक।
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कैंट बोर्ड के डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए लगाई गई यूजर कर व्यवस्था से नगरवासी और भवन स्वामी भड़के हुए हैं। मंगलवार को नगर वासियों ने बैठक कर इसका पुरजोर विरोध किया। इसके बाद कैंट बोर्ड के सदस्यों की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ भूपित रोहित से मुलाकात कर यूजर व्यवस्था समाप्त की करने की मांग की। ऐसा नहीं नहीं होने पर जनसहयोग से आंदोलन की चेतावनी दी है।
छावनी परिषद के सदस्यों डॉ एसपी नैथानी, राजेश ध्यानी, राजेंद्र राना की अगुवाई में सीईओ से मुलाकात में नागरिकों ने कहा कि छावनी वाशिंदे सफाई कर देते आ रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा उठाए जाने के बाद छावनी ने उन्हें सफाई के नाम पर दोहरा टैक्स थोप दिया है। कैंट बोर्ड की ओर से फरवरी 2018 से मार्च 2020 तक के यूूजर चार्ज के बिल भी थमा दिए गए हैं, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने यूजर व्यवस्था का विरोध करते हुए इस कर प्रणाली की वापसी की मांग की। नागरिकोें ने बैठक कर इसके विरोध में निर्णायक आंदोलन छेड़ने का एलान किया। कहा कि कैंट बोर्ड जनता पर नए टैक्स थोप रही है, जबकि सुविधाओं के अभाव में नगर से लगातार पलायन हो रहा है। सदस्यों ने कहा कि बोर्ड बैठक में केवल व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से ही यूजर चार्ज लिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। लेकिन बोर्ड की मिनट बुक मेें व्यावसायिक शब्द हटा दिया गया है। सदस्यों ने सीईओ से आग्रह किया कि वे जनता के ज्ञापन को आगामी बोर्ड की बैठक में बोर्ड के पुनर्विचार के लिए रखें। प्रतिनिधिमंडल में राजेश्वर गुप्ता, गंभीर रावत, व्यापार मंडल सचिव गुलाब सिंह, प्रताप सिंह नेगी, गोपी चंद्र, हितेश शर्मा, जगजीवन बिष्ट, सोहन जुयाल समेत कई लोग शामिल रहे।
डोर टू डोर कूड़ा उठाने की भारत सरकार की योजना है। सरकार के निर्देशों के अनुपालन में यूजर टैक्स व्यवस्था देश में लागू की जा रही है। इसी क्रम में वर्ष 2018 जनवरी माह में बोर्ड में यह प्रस्ताव पारित हुआ था।
-भूपति रोहित , सीईओ कैंट बोर्ड