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Kotdwar News: आगे बछड़ा, पीछे ट्रेन, चालक और यात्री परेशान

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कोटद्वार। नजीबाबाद-कोटद्वार रेलवे ब्रांच लाइन पर एक बछड़े ने पैसेंजर ट्रेन के चालक और यात्रियों को खूब छकाया। ट्रैक पर बछड़ा गुजरने से पहले तो ट्रेन काफी देर तक रेंगती रही। फिर बछड़े को हटाने के लिए दौड़ते ट्रेन चालक और यात्री हांफने लगे। बमुश्किल ट्रैक से बछड़ा हटने पर ट्रेन कोटद्वार के लिए रवाना हुई।
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नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच रेलवे ट्रैक करीब 8 से 10 किलोमीटर तक आरक्षित वन क्षेत्र से गुजरता है। हाथी, हिरन, नीलगाय और गुलदार आदि जंगली जीवों को अक्सर रेल ट्रैक को पार करते देखा जाता है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रेलवे की ओर से किमी संख्या 8-9 और 20-21 के बीच शाम छह से सुबह छह बजे तक के लिए काशन (रफ्तार पर नियंत्रण) लगे हैं। इन क्षेत्रों में ट्रेन की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से घटाकर मात्र 30 किमी प्रति घंटे की गई है।

रविवार सुबह बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद की कौड़िया वन रेंज में एक बछड़ा काफी दूर तक ट्रेन के आगे आगे चलता रहा। कई बार हॉर्न बजाने पर भी बछड़ा नहीं हटा, तो ट्रेन चालक ने ट्रेन से उतरकर बछड़े को ट्रैक से हटाने की कोशिश की। चालक कुछ दूर तक बछड़े के पीछे दौड़ा, लेकिन बछड़ा नहीं हटा। आखिरकार ट्रेन चालक को काफी दूर तक यूं ही धीमी गति से ट्रेन चलानी पड़ी। फिर भी जब बछड़ा ट्रैक से नहीं हटा, तो एक बार फिर ट्रेन का चालक और कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर बछड़े के पीछे दौड़े। आखिरकार एक यात्री अर्जुन के प्रयासों से करीब तीन किलोमीटर के फासले पर बछड़े को ट्रैक से हटाया जा सका। गौरतलब है कि ट्रेन की टक्कर से एक वर्ष में दो हाथियों की मौत हो चुकी है।
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लाइन क्लीयर के बावजूद ट्रेन आगे नहीं बढ़ पा रही थी। जिससे रेलवे अधिकारी काफी देर तक सकते में रहे। ट्रेन तय समय से पांच मिनट विलंब से कोटद्वार पहुंची।
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