नगर निगम प्रशासन की ओर से निगम क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठानों से वार्षिक व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क वसूलने की तैयारी कर दी है। नगर आयुक्त ने 89 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क की सूची जारी की है। अब शीघ्र निगम क्षेेत्र में व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस लेना होगा।
पिछले साल नवंबर को नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए नगर क्षेेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क लेने की योजना बनाई थी। इसके लिए नोटिस के माध्यम से लोगों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। जिसका समय अब पूरा होने के बाद अब नगर निगम ने इसकी अधिसूचना जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिसूचना जारी होते ही नगर क्षेत्र के 89 प्रकार के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लाइसेंस की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
पिछले साल 24 नवंबर को नगर निगम क्षेत्र में संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क लेने की सूची जारी की गई थी, जिसमें 30 दिन के अंदर आपत्ति मांगी गई थी। कुछ आपत्तियां आई थी जिनका मौके पर निस्तारण कर दिया गया था। वर्तमान में अधिसूचना जारी करने की तैयारी की जा रही है। एसडीएम/ नगर आयुक्त योगेश मेहरा ने बताया कि
ऐसे होंगे लाइसेंस के चार्ज
होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट से दो से लेकर 10 हजार
हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, एक्सरे, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर और मेडिकल शॉप से 04 से 10 हजार रुपए
ट्रांसपोर्ट, स्कूटी, बाइक, वाहन शोरूम, साइकिल और रिक्सा की दुकानों से एक से 14400
पैट्रोल पंप, जनरेटर और अन्य पैट्रोलियम पदार्थ का व्यापार करने वालों से 2400 से 10 हजार रुपये
ड्राइक्लीनर से 1400, साबुन-आईसक्रीम फैक्ट्री से तीन हजार
चूना भट्टी से एक हजार, शॉपिंग मॉल, जूते की दुकान से एक हजार से 10 हजार रुपये
हार्डवेयर बिल्डिंग मैटेरियल से आठ हजार रुपये
बिजली का सामान, बैकरी और शैलून से एक से चार हजार रुपये
गैस एजेंसी, टेलर व आटा चक्की से तीन हजार
जनरल स्टोर से दो से चार हजार
ज्वैलरी शॉप से पांच से 10 हजार
आर्किटेक्ट, फाइनेंस कंपनी से दो से 20 हजार
किताबों की दुकान, कबाड़ी, कोयला थोक, जिम व खेल से चार हजार
मिठाई की दुकान से दो हजार
देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों से 20 से 50 हजार
स्टोन क्रेशर व वियर बार से 30 हजार
डीजे, फोटो स्टूडियो, बैंड, डेयरी व भूसा स्टोर चार हजार
प्रिंटिंग प्रेस, सिनेमा हॉल, फ्लोर मिल, प्रापर्टी डीलर व टैंट हाउस से दस हजार
कोचिंग सेंटर से दो से दस हजार
रिक्शा व ई-रिक्शा चालक से पांच सौ से दो हजार
प्राइवेट स्कूलों से एक हजार से दस हजार
लाइसेंस शुल्क का व्यापारियों ने किया विरोध
मेयर को सौंपा ज्ञापन, फैसला वास नहीं लेने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। नगर निगम के द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने की तैयारी पर भड़के व्यापारियों ने नगर निगम के फैसले का विरोध किया। उन्होंने मेयर हेमलता नेगी को ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों पर लगाए जाने वाले करों के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को नगर उद्योग व्यापार मंडल के सचिव लाजपत राय भाटिया के नेतृत्व में शहर के व्यापारी मेयर के आवास पर पहुंचे। उन्होंने मेयर को अपना ज्ञापन सौंपा। इस अवसर व्यापारियों ने लाइसेंस शुल्क लगाये जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। सचिव लाजपत राय ने कहा कि नगर निगम वासी पहले से ही गृहकर, सीवर कर, जलकर के रूप में टैक्स देते आ रहे हैं, इसके अलावा व्यवसायी पहले से ही व्यापार कर पर जीएसटी, आयकर दे रहा है, लेकिन उसके बावजूद अब नगर निगम प्रशासन के द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अलग से कर लगाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। व्यापारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम बनाए जाने पर जब प्रदेश सरकार के द्वारा दस वर्षों तक नगर निगम में शामिल क्षेत्रों में कोई कर न लगाए जाने की घोषणा की थी, लेकिन घोषणा के बाद भी व्यापारियों को परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मेयर से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कर लगाए जाने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। मेयर हेमलता नेगी ने व्यापारियों को सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर नगर व्यापार मंडल के सेवक राम मनूजा, डॉ राजकुमार विज, मेसी भाटिया, विनोद कुकरेती, दीना नाथ भाटिया, सुबोध गर्ग, राकेश मित्तल, संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, आनंद गुप्ता, हरीश नारंग सहित कई व्यापारी मौजूद थे।