नगरपालिका की ओर से आयोजित बैठक में व्यापारियों ने पॉलीथिन पर पूर्ण पाबंदी के खिलाफ हंगामा काटा। उन्होंने सभी उत्पादों पर पॉलीथिन का प्रयोग नहीं करने का विरोध जताया। जिस पर सर्वसम्मति से तरल पदार्थों के आधा किलो पैक में 40 माइक्रोन पॉलीथिन के उपयोग पर सहमति बनी। इसके अलावा पॉलीथिन के प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। व्यापारियों द्वारा पॉलीथिन में सामान बेचे जाने पर पांच हजार का जुर्माना और प्रयोग करने वालों पर अर्थ दंड लगाया जाएगा।
सोमवार को पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूरण सिंह रावत की अध्यक्षता में शहर के व्यापारियों और संस्थाओं की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें शहर को स्वच्छ रखने के लिए पॉलीथिन पर पूूर्ण पाबंदी लगाई गई। पॉलीथिन पर पूर्ण रूप से पाबंदी पर व्यापारी भड़क गए। उन्होंने कहा कि एक किमी दूर नगरपालिका क्षेत्र के बाहर जब लोगों को पॉलीथिन में सामान मिलेगा तब नगर पालिका क्षेत्र में सामान खरीदने कौन आएगा। पॉलीथिन पर पाबंदी होने से दुकानदार लोगों को तरल पदार्थ जैसे दूध, दही और रसदार मिठाइयां कैसे दे पाएंगे। काफी देर तक कहासुनी के बाद दूध, दही, पनीर और दाल के लिए 40 माइक्रोन वाली आधा किलो पॉलीथिन पर सहमति बन गई। शहर के व्यापारियों को नुकसान न हो इसके लिए उपजिलाधिकारी के माध्यम से शहर से निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के प्रधानों की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
व्यापारियों के साथ अभद्रता का आरोप
व्यापारियों ने पॉलीथिन जांच के दौरान नगरपालिका कर्मचारियों के द्वारा व्यापारियों के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। कहा कि नगरपालिका कर्मचारी पॉलीथिन चेकिंग के नाम पर ढेरों लोग दुकान में घुस जाते हैं, विरोध करने पर वे अभद्र व्यवहार करते हैं। नगर पालिका के सभासद विवेक अग्रवाल ने व्यापारियों की शिकायत पर कहा कि नगरपालिका के कुछ कर्मचारी ही पॉलीथिन बेचने का कार्य कर रहे हैं। इस पर व्यापारी बृजपाल राजपूत ने मामले को सही बताते हुए, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर पॉलीथिन पर रोक लगाने के लिए छह सदस्यों की कमेटी बनाई गई। इसमें पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूरण सिंह रावत, व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश गर्ग, लाजपत राय भाटिया, शरद गुप्ता, अजय अग्रवाल और अहसान को कमेटी में शामिल किया गया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, सभासद विवेक अग्रवाल, महेश भाटिया, रंजना रावत, रेशमा परवीन, ज्योति चौधरी, बीडी नवानी, राकेश मित्तल, पूर्व डीआईजी बलराम सिंह नेगी, लक्ष्मीनारायण चावला, लाजपत राय भाटिया, शरद गुप्ता, अजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।
बैठक में यह निर्णय लिए गए
- दूध, दही और दाल के अलावा सभी पर पॉलीथिन के उपयोग पर पूर्ण पाबंदी होगी।
- तरल पदार्थों में 40 माइक्रोन की पॉलीथिन का उपयोग होगा।
- पॉलीथिन में सामान बेचने पर व्यापारी को पांच हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
- बाजार में पॉलीथिन अथवा प्लास्टिक की थैली लाने पर पाबंदी होगी।
- पॉलीथिन अथवा प्लास्टिक पाए जाने पर अर्थदंड वसूला जाएगा।
- एसडीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पॉलीथिन पर पाबंदी लगाई जाएगी।