जलसंस्थान लोगों को वर्षभर पानी उपलब्ध कराने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं, अभी गर्मियां भी शुरू नहीं हुई, क्षेत्र में पेयजल किल्लत गहराने लगी है। विभाग की लापरवाही पूर्ण कार्यप्रणाली की पोल खोल रहा है धनीष फार्म का ट्यूबवेल। आलम यह है कि ट्यूबवेल को फुंके दो दिन हो गए हैं, लेकिन विभाग न तो ट्यूबवेल की मरम्मत में शीघ्रता दिखा रहा है और न ही लोगों के लिए टैंकरों की व्यवस्था कर रहा है। चार ग्राम पंचायतों के सैकड़ों पेयजल उपभोक्ता पानी के लिए भटक रहे हैं। विभाग के अधिकारी जानबूझ कर अनजान बने हुए हैं। जिसके कारण ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
धनीष फार्म में स्थापित ट्यूबवेल से ग्राम पंचायत पदमपुर सुखरौ, बलभद्रपुर, शिब्बूनगर, सिमलचौड़ के हजारों पेयजल उपभोक्ताओं तक पेयजल आपूर्ति की जाती है। विभागीय कार्यप्रणाली का आलम यह है कि एक वर्ष के अंतराल में तीन बार ट्यूबवेल की मोटर फुंक चुकी है। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बार बार ट्यूबवेल में खराबी आने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है, उन्हें अन्य ग्राम पंचायतों से पानी ढोना पड़ता है। एसडीएम से इसकी शिकायत के बाद भी विभाग लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
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निजी खर्चे पर मंगा रहे पानी का टैंकर
पेयजल उपभोक्ता बचन सिंह रावत, एसके मैंदोला, महावीर सिंह रावत, राजेंद्र प्रसाद जदली, विक्रम सिंह नेगी ने जलसंस्थान पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया। कहा कि दो दिनों से घर में पानी की बूंद नहीं टपकी है। विभाग के जेई और एई लोगों की समस्या का समाधान करना तो दूर फोन तक नहीं उठा रहे हैं। विभाग की ओर से पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिसके कारण कुछ लोग अन्य गांवों से पानी ढो रहे हैं, तो सक्षम लोग पानी के लिए मंहगे दामों पर टैंकर मंगाकर पेयजल व्यवस्था कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह बात सही है कि धनीष फार्म का ट्यूबवेल में खराबी आ गई है, इसकी मरम्मत करने के लिए कार्य शुरू किया जा रहा है। तब तक अन्य ट्यूवेलों से लाइन को जोड़कर उपभोक्ताओं को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जिन स्थानों में पानी नहीं पहुंच पाएगा वहां टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
- ओपी बहुगुणा, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान कोटद्वार