कोटद्वार। क्षेत्र में भारी बारिश से उफनाई हिंवल नदी ने द्वारीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत छाम समेत सात गांवों को चाक्यूसैंण बाजार से जोड़ने वाले पैदल पुल बहा दिया है। इससे क्षेत्र का चाक्यूसैंण बाजार समेत जिले के दूसरे भागों से संपर्क कट गया है। पुल के बहने से जीआईसी चाक्यूसैंण में पढ़ने वाले बच्चे और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार कर आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पुल का अविलंब निर्माण कराने की मांग उठाई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश से क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियां उफान पर हैं। रविवार को हिंवल नदी ग्राम पंचायत छाम समेत सात गांवों को चाक्यूसैंण बाजार से जोड़ने वाले एकमात्र पैदल संपर्क पुल को बहा ले गई, जिससे इन गांवों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय से कट गया है। छाम ग्राम पंचायत के अंतर्गत छाम, सौड़खेत, बिंजोली, हिलोगी, कुमेपाख, आर्यकोट व डोबर गांव को चाक्यूसैंण बाजार से जोड़ने के लिए सात साल पहले हिंवल नदी में पैदल पुल का निर्माण कराया गया था। इस पुल के बहने से ग्रामीणों और जीआईसी चाक्यूसैंण में पढ़ने वाले बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार कर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण उमेंद्र कंडारी, सतेंद्र कंडारी, स्वयंबर दत्त, पीतांबर जखमोला, शिव नारायण व विक्रम सिंह ने कहा कि पुल के बहने से उन्हें आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से पुल का निर्माण अविलंब कराने की मांग की है।
ब्लाक के सहायक विकास अधिकारी (पंचायतीराज) मनमोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि पुल बहने की सूचना उन्हें नहीं है। वह इस मामले को दिखवाकर उच्चाधिकारियों को पैदल पुल बनाने का प्रस्ताव भेजेंगे।
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