राहगीरों के साथ वाहन चालकों को सता रही है हादसे की आशंका
सतपुली। गुमखाल-सतपुली के बीच हाईवे चौड़ीकरण के कारण हल्की बारिश में ही कई जगह बड़े-बड़े बोल्डर नीचे से गुजर रहे सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग पर गिर रहे हैं। राहगीरों के साथ वाहन चालकों को हादसे की आशंका सता रही है।
सतपुली मल्ली से गुमखाल के बीच निर्माण एजेंसी ने चौड़ीकरण कटिंग का मलबा हाईवे से नीचे फेंका गया है। यह मलबा नीचे से गुजर रहे सतपुली-रैतपुर मार्ग के ठीक ऊपर अटका हुआ है। मलबा और उसमें फंसे बोल्डर हल्की बूंदाबांदी में भी रह रहकर नीचे गिर रहे हैं। कुल्हाड़ गांव से सतपुली मल्ली के बीच हाईवे के ठीक 1.5 किलोमीटर नीचे सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग है। इसी मार्ग पर रैतपुर गांव से जयहरीखाल को भी सड़क जाती है। हाईवे पर चल रहे चौड़ीकरण के कारण कोटद्वार, लैंसडौन, रिखणीखाल आदि क्षेत्रों से जिला मुख्यालय जाने वाले भी आजकल इसी मार्ग से आवागमन कर रहे हैं।
गत दिसंबर में पहाड़ी से बोल्डर नीचे रैतपुर मार्ग से गुजर रहे वाहन पर गिर गया था। हादसे में चालक की मौत हो गई थी और तीन ग्रामीण बाल बाल बचे थे। इसके अलावा उक्त मार्ग से रोजाना भिताड़ा तल्ला, भिताड़ा मल्ला, रैतपुर, कालोंजल, रणकोट, गढ़कोट समेत सतपुली के निकटवर्ती दर्जनभर से अधिक गांवों के छात्र-छात्राएं, सतपुली के व्यापारी एवं ग्रामीण प्रतिदिन सतपुली आते हैं।
पहाड़ी पर अटके मलबे से कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी और क्षेत्र पंचायत गढ़कोट सुनीता देवी, मनीष रौतेला, मदन पंवार, विक्रम सिंह आदि ने निर्माण कार्य में जुटी कंपनी को एहतियात बरतने के निर्देश देने और पहाड़ी पर अटके मलबे और बोल्डरों को हटाने की मांग सरकार से की है।