पौड़ी। पौड़ी जिले के रछुली गांव के युवक के खाते से उसके साथी एवं पड़ोसी गांव के युवक ने करीब सात लाख रुपये निकाल लिए। बृहस्पतिवार को आरोपी को पकड़कर पीड़ित युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद रावत समेत गांव के दर्जनों लोगों के साथ पौड़ी थाने पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी युवक को कुछ घंटे हिरासत में लिया, लेकिन घटना दिल्ली की और मामला राजस्व क्षेत्र का होने की बात कहकर उसको छोड़ दिया। पीड़ित पक्ष को राजस्व क्षेत्र में मामला दर्ज कराने के लिए कहा। उधर, थाना प्रभारी एसआई सुरेश कुमार सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों से बात करके पीड़ित पक्ष को राजस्व पुलिस के पास भेज दिया है।
पीड़ित युवक विपिन नेगी पुत्र स्व. खीम सिंह ने बताया कि बताया कि वह और आरोपी युवक करीब एक साल से दिल्ली में गोल्डन ट्यूलिस में काम कर रहे हैं। उसने बताया कि आरोपी युवक उसके बगल के गांव का रहने वाला है। दिल्ली में कमरा लेकर साथ रह रहे हैं। पांच माह पूर्व आरोपी युवक ने बाइक खरीदने के नाम पर उससे उसके पासबुक की फोटो कापी मांगी थी। उसने उसे पासबुक की फोटो कापी दे दी। इस बीच आरोपी ने उसके मोबाइल से उसका सिम निकाल लिया। उसके सिम में एटीएम का पिनकोड लिखा हुआ था।
विपिन ने बताया कि आरोपी युवक गांव आ रहा था, इसलिए उसने अपना एटीएम उसे दे दिया। उससे कहा कि वह गांव जाकर उसके भाई को एटीएम दे दे। आरोपी युवक ने गांव पहुंचने के दो-तीन दिन बाद एटीएम उसके भाई को दे दिया। वापस दिल्ली आया तो वह खूब खर्च भी कर रहा था। इस पर उसे शक हुआ तो उसने गांव अपने भाई को फोन किया कि उसका खाता चेक कर ले। भाई ने खाता चेक किया तो उसका बैलेंस निल था।
पिता ने बनाया था नामिनी
विपिन ने बताया कि उसके पिता का 22 जुलाई 2015 को निधन हो गया था। उनकी परसुंडाखाल में नेगी स्वीट्स के नाम से दुकान है। पिता इसी दुकान को चलाते थे। उन्होंने एलआईसी कर रखी थी। उसमें उसे नॉमिनी बना रखा था। खाते में करीब सात लाख रुपये थे। जो कि उसके पिता के निधन के बाद उसके नाम ट्रांसफर हो गए थे।
मेरठ निवासी युवक पर लगाया आरोप
आरोपी युवक ने बताया कि उसकी दिल्ली में कॉल सेंटर में काम करने वाले मेरठ निवासी अश्वनी से दोस्ती हो गई थी। विपिन के एटीएम देने के बाद वह एक रात अश्वनी के कमरे में रुका था। अब उसे पता नहीं कि अश्वनी ने कब एटीएम का डुप्लीकेट बनाया और पैसे उड़ा लिए।