कोटद्वार। सुखरो देवी मंदिर विवाद पर परगना मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्णय से वकील आक्रोशित हो गए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई के बाद तहसील में एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नागेंद्र जोशी व अन्य वकीलों का कहना था कि इस मामले में गत छह सितंबर को पुलिस ने बीएनएस की धारा 164 के तहत परगना मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चालानी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिस पर कोर्ट ने 10 सितंबर को दोनों पक्षों को कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश जारी किए। 11 सितंबर को कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद फैसले के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन इस बीच शुक्रवार शाम को परगना मजिस्ट्रेट ने आनन-फानन में मंदिर समिति के विवादित संपत्तियों को कुर्क (सीज) करने के आदेश जारी कर दिए। कानून की दृष्टि से सही नहीं है। कहा कि आदेश में 10 सितंबर को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के उपस्थित होने की बात कही गई है, लेकिन उस दिन वकील तहसील में न्यायिक कार्यों से विरत थे। उन्होंने एसडीएम की कार्रवाई का विरोध किया। कहा कि जब तक एसडीएम का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सुखरो देवी मंदिर के विवाद पर परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय ने अपना निर्णय दिया है। जिसके आधार पर स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई की है। निर्णय के खिलाफ संबंधित पक्ष सक्षम न्यायालय में अपील कर सकते हैं।
-सोहन सिंह सैनी, एसडीएम कोटद्वार