स्वच्छ पेयजल, मेडिकल कालेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और आईटीआई का पुनर्निमाण सहित 6 सूत्रीय मांगों के लिए भाजपा ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। शहर की समस्याओं के लिए भाजपाइयों ने क्षेत्रीय विधायक को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के पश्चात उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।
मंगलवार को भाजपा नेताओं ने शहर क्षेत्र में प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ गुस्सा प्रकट किया। इस मौके पर गोला बाजार में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कालेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है। चिकित्सक जो दवा लिख रहे हैं, वह अस्पताल में नहीं मिल रही हैं।
भाजपाईयों ने चौरास मोटर पुल का निर्माण कार्य पूर्ण न होने, आपदा के तीन साल बाद भी आईटीआई से मलबा न हटाए जाने, चौरास स्टेडियम की सुरक्षा दीवार निर्माण न होने और मरीन ड्राइव का कार्य न होने पर आक्रोश जताया।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना बनने के कारण पिछले दो साल से स्थानीय निवासी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। अलकनंदा नदी में गिरने वाले गंदे नालों का पानी घरों में आ रहा है। परियोजना के बैराज से बिछने वाली पाइप लाइन का कार्य बंद पड़ा हुआ है।
प्रदर्शन मेें पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष केएन मैठाणी, प्रदीप मल्ल, विकास कुकरेती, जितेंद्र रावत, अनूप बहुगुणा, हयात सिंह झिंक्वाण, राकेश ध्यानी, इंतखाब, निर्मला उनियाल और बसंती नेगी आदि शामिल थे।