सड़क की बजरी उखड़ने से आवाजाही में हो रही दिक्कत, दुर्घटनाओं की बनी है आशंका
दुगड्डा (कोटद्वार)। ऐता-चरेख मोटर मार्ग खस्ताहाल है। ऐता में खोह नदी पर स्थित पुल से रामड़ी तक बजरी उखड़ी है। दुर्घटनाओं का डर बना है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोनिवि की ओर से किया गया डामरीकरण एक साल भी नहीं टिक पाया है।
घाड़ क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को ब्लॉक मुख्यालय दुगड्डा से जोड़ने व ग्रामीणों को यातायात की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन ने 22.40 किमी ऐता-चरेख मोटर मार्ग के निर्माण को स्वीकृति दी। मार्ग निर्माण के लिए 5.53 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने वर्ष 2012 में मार्ग का निर्माण शुरू किया और वर्ष 2016 में यह मार्ग बनकर तैयार हुआ। वर्ष 2021 तक सड़क का अनुरक्षण कार्य कराया जाना था लेकिन अनदेखी से सड़क खस्ताहाल हो गई।
शासन के निर्देश पर पीएमजीएसवाई से सड़क लोनिवि दुगड्डा को हस्तांतरित की गई। लोनिवि की ओर से चार करोड़ की लागत से मार्ग का पुनर्निर्माण शुरू किया गया। इसके तहत पुश्ते, पक्के स्कपर, बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण व डामरीकरण कार्य करवाया जाना था। निर्माण कार्य को एक वर्ष पूरा होने से पहले ही ऐता से रामड़ी तक सड़क का डामरीकरण कई स्थानों पर उखड़ गया। मार्ग पर फैली बजरी से दोपहिया वाहन रपट रहे हैं।
सड़क किनारे सुरक्षा के लिए क्रश बैरियर व पैराफिट, जल निकासी के लिए नाली निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीण जितेंद्र सिंह, गिरीश चंद्र गौड़, निसार अली ने लोनिवि के अधिकारियों से मार्ग का दोबारा डामरीकरण कराने व अवशेष कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
ऐता-चरेख मोटर मार्ग के डामरीकरण उखड़ने की शिकायत मिली है। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
- निर्भय सिंह, ईई लोनिवि दुगड्डा।