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स्वीकृत दो पद तैनात तीन

Fri, 24 Feb 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
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राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर मेें कतिपय विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक फैकल्टी (संकाय सदस्यों) की नियुक्ति की गई है। स्वीकृत दो पदों पर तीन को तैनाती दी गई है।
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हालांकि कालेज प्रशासन शासन के दबाव में उक्त फैकल्टी का रिन्युअल कर चुका है और इसके बचाव के लिए तर्क दिया जा रहा है कि अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में उक्त फैकल्टी की जरूरत पड़ सकती है। लिहाजा कांट्रेक्ट बढ़ाया जा रहा है।

मेडिकल कालेज श्रीनगर के एनॉटमी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां तीन सहा. प्रो. कार्यरत हैं। इनमें से 2 एमएस (मास्टर आफ सर्जरी) और 1 एमएससी है। दिसंबर में एक सहा. प्रो. का अनुबंध खत्म होने पर कालेज प्रशासन ने एमसीआई ढांचे में 2 पदों का हवाला देते हुए आगे बढ़ाने से  इनकार कर दिया था, लेकिन उक्त संकाय सदस्य अनुबंध बढ़ाने को निदेशालय पहुंच गए।
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निदेशक चिकित्सा शिक्षा ने फैकल्टी के पत्र और सचिव चिकित्सा शिक्षा के मौखिक निर्देशों का जिक्र करते हुए अनुबंध बढ़ाने का विचार करने का अनुरोध किया। इस पर कालेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने 6 माह के लिए अनुबंध विस्तार कर दिया।

ऐसे ही दंत रोग विभाग में एमसीआई ढांचे के अनुसार सहायक प्रो. का एक पद स्वीकृत है, लेकिन यहां भी 2 सहा. प्रो. कार्यरत हैं।  पद सृजित न होने के बावजूद फैकल्टी की नियुक्ति करने से कालेज पर वित्तीय भार पड़ रहा है। क्योंकि एक सहा. प्रो. को प्रतिमाह लगभग एक लाख 13 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। ऐसे में साल में लाखों रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।
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भविष्य में अल्मोड़ा में मेडिकल कालेज शुरू होना है। वहां भी फैकल्टी की जरूरत पड़ेगी। तब अनुभवी फैकल्टी चाहिए। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अनुबंध बढ़ाया गया है।
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प्रो. चंद्रमोहन रावत प्राचार्य, मेडिकल कालेज श्रीनगर
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