पौड़ी जिले में अतिथि शिक्षकों की हुई नियुक्ति मामले में गड़बड़ी सामने आई है। इसमें पांच विकासखंडों में रोस्टर के अनुसार आरक्षण लागू नहीं हुआ। पोखड़ा के बीएस रावत ने मामले की जांच की मांग उठाई। मामले का खुलासा आरटीई के तहत ली गई जानकारी के आधार पर हुआ।
जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से विकास खंडों के लिए जो आरक्षण प्रणाली अपनाई गई, उसमें आरक्षण रोस्टर को सही प्रकार से लागू नहीं किया गया है। जीव विज्ञान के 59 प्रवक्ताओं के पदों में जो आरक्षण प्रणाली अपनाई गई, उसमें कल्जीखाल ब्लॉक में ओबीसी का एक पद समाप्त करके सामान्य के दो पदों को तीन कर दिया गया। खिर्सू ब्लॉक में एसटी का एक पद समाप्त कर ओबीसी को दे दिया गया। नैनीडांडा ब्लॉक में एससी का एक पद समाप्त कर सामान्य के दो पदों में नियुक्तियां कर दी गई। पाबौ ब्लॉक में सामान्य के पांच पदों को चार करके एक पद एसटी को दिया गया है। पोखड़ा ब्लॉक के एक मात्र सामान्य के पद को समाप्त करके एससी के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
पोखड़ा निवासी पूर्व प्रधानाचार्य बिक्रम सिंह रावत का कहना है कि गलत आरक्षण रोस्टर लागू होने से योग्य उम्मीदवारों को बेरोजगारी का दंश झेलना पड़ रहा है। मामले की उच्च स्तरीय जांच हो तो गड़बड़ी साफ पकड़ी जा सकेगी।
कोट
जिले में आरक्षण रोस्टर नियमों के अनुसार लागू किया गया है। जिले के खंड शिक्षा अधिकारियों को आरक्षण रोस्टर को भलीभांति परीक्षण करने को कहा गया है।
- मदन सिंह रावत, सीईओ पौड़ी।