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कोटद्वार: जीएमओयू में 1.81 करोड़ का एक और घोटाला पकड़ में आया, फर्जी वाउचर से निकाली गई रकम

Sat, 10 Oct 2026 05:00 AM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार

सार

जीएमओयू के संयुक्त सचिव नितिन रावत ने पुलिस उपाधीक्षक को शिकायत देकर वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में कथित गबन की जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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घोटाला पकड़ा - फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
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विस्तार
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गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (जीएमओयू) में 1.81, 39054 करोड़ का एक और घोटाला पकड़ में आया है। यह घोटाला भी मार्च 2025 में पकड़ में आए पहले वाले घोटाले की तर्ज पर किया गया है। कंपनी प्रबंधन की ओर से हुई जांच के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक को तहरीर सौंपी है। एक दिन पहले ही सीओ की जांच के बाद जीएमओयू की जमीन खुर्दबुर्द किए जाने की प्राथमिकी कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई गई थी।

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जीएमओयू के संयुक्त सचिव नितिन रावत ने पुलिस उपाधीक्षक को शिकायत देकर वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में कथित गबन की जांच कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जीएमओयू मुख्यालय कोटद्वार में फर्जी प्रार्थना पत्र और वाउचर तैयार कर कंपनी के खजाने से करीब 1.81 करोड़ रुपये और निकालने का मामला जांच में सामने आया है। कंपनी की जांच समिति की 17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट और विशेष मुख्य लेखा अधिकारी की 6 अक्तूबर 2026 की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

आरोप है कि कंपनी के कुछ पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर फर्जी नामों, वाहन स्वामियों के नाम पर कागजात और काल्पनिक खर्चों के आधार पर भुगतान दर्शाया गया। इस मामले में भी पूर्व चैयरमैन, तत्कालीन महाप्रबंधक, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी, तत्कालीन लेखा लिपिक, तत्कालीन कैशियर व तत्कालीन स्टेशन इंचार्ज की भूमिका संलिप्त पाई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान करीब 1.81 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ में आई है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 3.85 करोड़ रुपये का गबन किया गया है।
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एडवांस, डीजल फंड के नाम पर हुआ भुगतान

कहा गया कि वाहन स्वामियों के एडवांस, डीजल फंड, दान, रिपेयरिंग, वेतन और ट्रैफिक अरेंजमेंट के नाम पर करीब 1.25 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में फर्जीवाड़ा हुआ है। आरोप है कि मृत वाहन स्वामियों के नाम पर फर्जी प्रार्थना पत्र और वाउचर तैयार कर मुख्यालय स्थित कैशियर अनुभाग से रकम निकाली गई। साथ ही ऐसे कर्मचारियों के नामों का भी इस्तेमाल किया गया जो कभी उन स्थानों पर कार्यरत ही नहीं रहे थे।

कोटद्वार में 85 लाख की भूमि धोखाधड़ी, दो भाइयों पर प्राथमिकी दर्ज

तहसील कोटद्वार क्षेत्र में 85 लाख रुपये की भूमि धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रदीप कुमार नामक व्यक्ति ने दो भाइयों पर भूमि का इकरारनामा करने के बाद पंजीकृत बैनामा न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रदीप कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने लेखराज और गोविंद से पदमपुर सुखरो में करीब 14 बीघा भूमिधरी भूमि खरीदने का इकरारनामा किया था। इस भूमि के लिए उन्होंने दोनों भाइयों को 85 लाख रुपये का भुगतान किया था। इकरारनामे के अनुसार आरोपियों को उचित समय पर भूमि का पंजीकृत बैनामा प्रदीप कुमार या उनके बताए किसी व्यक्ति के नाम करना था।

जब प्रदीप कुमार ने बैनामे के लिए कहा तो आरोपी टाल-मटोल कर रहे हैं। वे पंजीकृत बैनामा करने से इन्कार कर रहे हैं। आरोपियों ने प्रदीप कुमार को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी। प्रदीप कुमार ने अपनी जान को खतरा बताया और इसे जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला बताया। आरोप है कि आरोपियों ने इकरारनामे के गवाहों को भी डराया-धमकाया है। वे धीरू मास्टर का हवाला दे रहे हैं। कोतवाली कोटद्वार पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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