कोटद्वार। कोतवाली पुलिस टीम ने 92 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाली फर्जी को-ऑपरेटिव सोसायटी के एक और सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में पांच अभियुक्तों को पहले ही जेल भेज चुकी है।
कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि 01 जून, 2024 को शिवपुर निवासी वादिनी तृप्ति नेगी ने दि लोनी अरबन मल्टी स्टेट क्रेडिट एवं टैरिफ को ऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) की शाखा दुगड्डा, कोटद्वार के मैनेजर विनीत सिंह निवासी ग्राम देवडाली पोस्ट गुमखाल पौडी गढ़वाल व कैशियर प्रज्ञा रावत निवासी पदमपुर मोटाढाक जनपद पौडी गढ़वाल के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया था कि मैनेजर और कैशियर ने आरडी खुलवाने के नाम पर वादिनी से पैसे तो ले लिए हैं, लेकिन उन्हें इसका कोई ना तो बांड दिया है और न ही उनके पैसे को जमा किया है। इस प्रकार से उक्त लोगों ने धोखाधड़ी की है। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच टीम का गठन किया। तब पुलिस टीम ने मामले के पांच आरोपी उर्मिला बिष्ट, जगमोहन सिंह बिष्ट, प्रज्ञा रावत, विनीत सिंह, गिरीश चंद्र बिष्ट को 28 अक्तूबर, 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि एक अन्य आरोपी चंदन राम राज पुरोहित निवासी. खेतेश्वर मोहल्ला वार्ड नंबर-14 क्षत्रियों का मोहल्ला, थाना बाल उत्तराई, जिला बाड़मेर राजस्थान फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन आरोपी शातिर किस्म का होने के कारण लगातार अपने ठिकाने व मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया और आरोपी चंदन राम राज पुरोहित को बृहस्पतिवार को शास्त्रीनगर दिल्ली में किराये के घर से गिरफ्तार कर लिया है।