आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सेविका संगठन की 18 हजार मानदेय सहित सात सूत्री मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन 39वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर 17 जनवरी को नगर में आहूत रैली को सफल बनाने पर विचार विमर्श किया गया।
बृहस्पतिवार को मौसम खराब होने और बारिश के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सेविकाएं तहसील पहुंची। यहां उन्होंने सात सूत्री मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि वह अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं, लेकिन बावजूद इसके प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कोई भी आश्वासन नहीं मिला है।
पूर्व जिलाध्यक्ष बसंती रावत ने बताया कि मांगों को लेकर शुक्रवार 17 जनवरी को नगर में महारैली आयोजित करेगी, जिसमें दुगड्डा, जयहरीखाल, द्वारीखाल और रिखणीखाल के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सेविकाएं शिरकत करेंगी। रैली में उक्रांद, उत्तराखंड निर्माण सेना, पूर्व सैनिक सेवा परिषद समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी शिरकत करेंगे। धरना-प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष दुगड्डा सुनीता देवी, कृष्णा बलूनी, हेमलता, ऊषा देवी, मुन्नी रावत, नीमा जोशी, बबीता नेगी, अंबिका रावत, सविता देवी, विनीता मलासी, रश्मि नेगी, रोशनी देवी, अनामिका देवी, सावित्री देवी, प्रभा जोशी, शीतल गुसाईं आदि शामिल रहे।