कोटद्वार। बेमौसम बारिश के साथ ही अब डेंगू के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अलर्ट मोड पर आ गया है। अस्पताल प्रशासन जहां संसाधन जुटाने में लगा है, वहीं नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई कराने के साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग शुरू कर दी है।
मई में ही झमाझम बारिश के साथ ही इस बार मानसून समय से पहले प्रभावी होने से आम जन को गर्मी से तो जल्दी निजात मिल जाएगी, लेकिन डेंगू से बचाव के लिए भी जल्दी कदम उठाने होंगे। बेस अस्पताल में डेंगू वार्ड को खोलकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के लिए दो वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें एक वार्ड में 20 बेड और दूसरे वार्ड में 16 बेड की व्यवस्था की है। बेड के लिए फिलहाल 30 मच्छरदानी उपलब्ध हैं। डेंगू की रेपिड जांच के लिए फिलहाल पर्याप्त जांच किट हैं। मुख्यालय से 15 एलाइजा किट की डिमांड भेजी गई है।
बेस अस्पताल के प्रबंधक बलवीर सिंह रावत का कहना है कि हालांकि अभी डेंगू का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के उपचार की तैयारी पूरी है। जरूरत इस बात की है कि डेंगू मच्छर को पनपने से रोका जाए, ताकि समस्या बड़ी न हो। वहींं, नगर आयुक्त वैभव गुप्ता ने बताया कि स्प्रे मशीन, फॉगिंग मशीन आदि संसाधनों को दुरुस्त कर लिया गया है। बरसात के बाद मच्छरों के पनपने की स्थिति को देखते हुए ग्रास्टनगंज, गिवईंस्रोत समेत शहर में कई संवेदनशील जगहों पर फॉगिंग कराई गई है। नाले-नालियों की सफाई कराई जा रही है। जल्दी ही टीमें गठित कर रोस्टर बनाकर डेंगू लार्वा को पनपने से रोकने के प्रयास शुरू किए जाएंगे। आम जन से भी एक ही स्थान पर पानी को न रुकने देने और सफाई का ध्यान रखने की अपील की है।