कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने 2005 के बाद नियुक्ति पाए सभी शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की है।संघ के जिलामंत्री बिजेंद्र बिष्ट एवं पूर्व जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने अक्तूबर 2005 से पूर्व विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त सभी शिक्षक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने के आदेश निर्गत किए जाने पर खुशी जताई है। जिनकी विज्ञप्ति एवं नियुक्ति प्रक्रिया अक्तूबर 2005 से पूर्व हुई थी, लेकिन विधानसभा उपचुनाव के कारण उन्हें अक्तूबर, 2005 के बाद नियुक्ति मिली थी और उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। सभी शिक्षक संगठन इसके लिए मुखर रहे।
शिक्षक संगठनों की मांग पर केंद्र सरकार की नीतियों के तहत प्रदेश सरकार ने भी ऐसे शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने अक्तूबर, 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग की है। कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के हित में नहीं है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों का एकमात्र सहारा पेंशन ही है, जिससे वह अपने बुढ़ापे का जीवन ठीक से व्यतीत कर पाते हैं।
केंद्र सरकार ने पहले ओपीएस की जगह नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) लागू की। इसके विरोध के बाद केंद्र सरकार ने एक और नई पेंशन योजना (यूपीएस) लागू कर दिया है। शिक्षक कर्मचारी इस नई पेंशन योजना का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह शिक्षक कर्मचारियों के हित में नहीं है। पुरानी पेंशन योजना लागू होने तक संघर्ष जारी रहेगा।