एएचपीएस के समर्थन में आई महिलाएं।
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नौकरी पर वापस लेने की मांग के लिए आंदोलित एएचपीएस कर्मचारियों को श्रीकोट की महिलाओं ने समर्थन दिया। वहीं कर्मचारी नेता भूपेंद्र भंडारी का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिंल ऑफ ट्रेड यूनियन ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
नौकरी पर वापस लेने की मांग के लिए एएचपीएस के 50 कर्मचारी पांचवें दिन भी कार्यालय के अंदर बंद रहे। कर्मचारियों ने शुक्रवार को स्वयं को कार्यालय के अंदर बंद कर दिया था। मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रीकोट की महिलाओं ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनके समर्थन में धरना दिया। प्रभा रावत व बेबी देवी ने कहा कि जल विद्युत परियोजना कंपनी तानाशाही रवैया अपना रही है। गीता रावत ने कहा कि कंपनी अपना काम पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को नौकरी से निकाल रही है।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि जल्द ही हटाए गए कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं लिया गया तो वह आंदोलन की कमान अपने हाथ मे लेंगी। आंदोलित कर्मचारियों ने कपंनी परिसर में अन्य कार्यालयों मे भी तालाबंदी की। आंदोलनकारियों के समर्थन में यूकेडी (पी) के विधान सभा प्रभारी गणेश भट्ट ने एक दिन का उपवास रखा। धरना स्थल पर सुधा देवी, अर्चना गैरोला, रेखा देवी, सुषमा देवी, पे्रमा देवी, विभोर बहुगुणा, केपी चंदोला, उत्तम भंडारी, आयुष मियां आदि मौजूद थे।