सहकारी दुग्ध संघ (आंचल डेरी) के प्रधान प्रबंधक को बदलने के बाद भूपेंद्र बिष्ट और तोताराम कुकरेती ने अनशन खत्म कर दिया है। जबकि अस्पताल में भर्ती कराए गए कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा पुन: धरना स्थल में पहुंचकर अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि आठ मार्च से चल रहा उनका अनशन टूटा नहीं है। हालांकि 19 मार्च की शाम अस्पताल में उनको फोर्स फीडिंग कराई गई थी।
प्रबंध समिति की ओर से प्रधान प्रबंधक जीएस मौर्य को हटाने और एमएम भट्ट को प्रभारी प्रधान प्रबंधक नियुक्त करने के बाद सोमवार से दुग्धशाला में सामान्य रूप से कामकाज होने लगा। हालांकि राजकीयकरण, वेतन भुगतान और कालागढ़ में अपमिश्रित दूध प्रकरण की जांच सहित अन्य मांगों के लिए कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा।
कर्मचारी संगठन के महासचिव एसडी गार्गी और वीरेंद्र सौरियाल ने बताया कि आंदोलन के तहत कार्यालय कार्य बहिष्कार और शर्मा का अनशन जारी रहेगा। वहीं समितियों का भुगतान करने के लिए लेखा अनुभाग को निर्देश दिए गए हैं। इधर, दुग्ध उत्पादक समिति के सचिव परमानंद कुकरेती ने समय पर दुग्ध उत्पादकों को भुगतान नहीं होने पर आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उत्पादकों को दुग्ध संघ को दूध देना बंद करना पड़ेगा।