कोटद्वार। नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने 10 नशा तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। वहीं, नौ नशा तस्करों की संपत्ति की जांच के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
साल 2025 में उत्तराखंड को नशा मुक्त करने के लक्ष्य को पाने में एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में जनपद की पुलिस जुटी है। कोतवाल रमेश सिंह तनवार ने बताया कि कोटद्वार पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों से नशा तस्करी में सक्रिय रहे 10 नशा तस्करों ग्वालकुंडी बीरोंखाल निवासी सुरेंद्र सिंह, कंकड़खेड़ा यूपी निवासी प्रिंस कुमार डागर, शहजाद, इरशान, उफरैखाल थलीसैंण निवासी पान सिंह, मेलधार बीरोंखाल निवासी विजय सिंह, कोटद्वार के काशीरामपुर तल्ला निवासी रोहित नेगी, ग्रास्टनगंज निवासी कमलेश बिष्ट, पदमपुर सुखरो निवासी मनीष नेगी और सिताबपुर निवासी आलोक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।
वहीं, नौ नशा तस्करों को चिह्नित कर उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति की जांच के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। कोतवाल ने बताया कि जांच में अर्जित की गई संपत्ति में नशा कारोबार में लिप्त होने की पुष्टि होती है तो संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन नौ नशा तस्करों की संपत्ति की जांच होगी, उनमें कोटद्वार निवासी तौफीक, रोहित नेगी, बंटी चंद्र, मनीष नेगी, रोहित जोशी, मुकेश चौहान व वसीम आदि शामिल हैं। इसके अलावा नशा तस्करों से साठ-गांठ होने की पुष्टि होने पर बीरोंखाल निवासी सुरेंद्र सिंह और गंगा भोगपुर निवासी मुकेश सिंह रावत के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। कोतवाल ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा।