विकास खंड दुगड्डा के धोबीघाट-धरियारसार पेयजल योजना के परसुला स्थित स्रोत को बंद करने से आठ गांवों में पैदा हुए पेयजल संकट की शिकायत पर जलसंस्थान के सहायक अभियंता ने योजना के स्रोत का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल स्रोत को सरकारी संपत्ति बताते हुए इस पर छेड़छाड़ करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को पेयजल योजना से जुड़े आमसौड़, अल्दावा, कुरीखाल, सिद्धपुर, झवाणा, धरियालसार व गुणी वस्यूर आदि गांवों के लोगों की शिकायत पर योजना के स्रोत परसुला में ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें सहायक अभियंता आरके वर्मा ने कहा कि योजना से जुड़े गांवों में जंगल और पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वर्ष 1996 में यह योजना बनाई गई थी, लेकिन वर्तमान में कुछ लोगों द्वारा स्रोत में छेड़छाड़ कर इन गांवों का पानी बंद किया जा रहा है, जो कि गैर कानूनी है।
उन्होंने परसुला के ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपना स्रोत बताते हुए पानी नहीं देने पर अड़े रहे। इस बीच ग्रामीणों के दोनों गुटों में तीखी बहस भी हो गई। इस पर एई ने कर्मचारियों को स्रोत से ऊपर गांव की सीमा के पास अन्य स्रोत बनाने का निर्देश दिया।
कहा कि ऊपर स्रोत तक प्लास्टिक के पाइप से योजना तक पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को इस पाइप लाइन पर छेड़छाड़ करने पर कानूूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख भुवनेश खर्कवाल, जगदीश प्रसाद खर्कवाल, पूर्व प्रधान ओम चंद, दिवाकर धूलिया, सोवन नेगी, मनोज खर्कवाल, सिद्धी प्रसाद धूलिया व गणेश जुयाल आदि मौजूद थे।