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Kotdwar News: यौन उत्पीड़न का आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त

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कोटद्वार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोटद्वार रजनी शुक्ला की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में यौन उत्पीड़न के आरोपी वाहन चालक कपिल सोम को उस पर लगाए गए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तिसंगत संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।
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अभियोजन के अनुसार, 22 अगस्त 2025 की रात नोएडा-विजयनगर बाईपास से एक युवती ने कोटद्वार आने के लिए कैब बुक की थी। आरोप था कि कोटद्वार पहुंचने के बाद वाहन चालक कपिल सोम उसे उसके घर छोड़ने के बजाय अपने घर ले गया। वहां कमरे का दरवाजा बंद कर उसके साथ छेड़खानी का प्रयास किया गया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी ने दरवाजा खोला, जिसके बाद वह वहां से निकली। इसके बाद उसने अपने मित्र को फोन कर मदद मांगी। मामले में 23 अगस्त 2025 को कोतवाली कोटद्वार में यौन उत्पीड़न और गलत तरीके से बंधक बनाने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता और अन्य गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास पाए। अदालत ने एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी, घटना के संबंध में परिजनों और पुलिस को तत्काल सूचना न देने, स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज न किए जाने और उपलब्ध साक्ष्यों में विसंगतियों को भी महत्वपूर्ण माना। अदालत ने पाया कि पीड़िता के बयानों में घटना के संबंध में गंभीर विरोधाभास हैं और मित्रों के बयान भी प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य पर आधारित नहीं थे। इन परिस्थितियों में अभियुक्त की घटना में संलिप्तता संदेह के घेरे में आती है।
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अदालत ने निष्कर्ष दिया कि वाहन चालक कपिल सोम के खिलाफ लगाए गए आरोप अभियोजन पक्ष द्वारा युक्तिसंगत संदेह से परे साबित नहीं किए जा सके। लिहाजा उसे सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया।
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