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मांगों के समर्थन में तहसील में धरने पर डटीं आशाएं

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कोटद्वार तहसील में धरना देतीं आशा कार्यकर्ता। - फोटो : KOTDWAR
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सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन देने समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन का कार्य बहिष्कार जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनको आंदोलन करते हुए महीना भर हो गया है, लेकिन अभी तक सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। पूर्व में भी सरकार ने आंदोलन के बाद आशाओं के लिए दस हजार रुपये कोविड भत्ता देने की घोषणा की थी, लेकिन उस पर आज तक अमल नहीं किया गया है। वर्ष 2006 से कार्यरत आशाओं का वेतन अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने मांगों का निराकरण नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। आंदोलन में यूनियन की दुगड्डा ब्लाक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, नीलम कुकरेती, कल्पना बिष्ट, संजू नेगी, सीमा शाही, अनीता घिल्डियाल, प्रमिला गुसाईं, भागीरथी भंडारी, कांति कंडारी और सरोज जदली आदि मौजूद थे।
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