कोटद्वार/कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-37 पश्चिमी झंडीचौड़ में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार रात को हाथियों के झुंड ने क्षेत्र के आठ काश्तकारों की कई बीघा धान की फसल रौंद डाली। काश्तकारों ने वन विभाग से उन्हें पटाखे उपलब्ध कराने व क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
पश्चिमी झंडीचौड़ वार्ड में कई दिनों से हाथियों का आतंक बना हुआ है। हाथियों के झुंड जंगल से सटे हुए काश्तकारों के खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंच रहे हैं। सोमवार रात को दस बजे के करीब हाथियों के कई झुंडों ने काश्तकार यशपाल सिंह, जगमोहन सिंह, शेर सिंह, यशपाल पुत्र भूपाल सिंह, योगेश्वर सिंह, प्रताप सिंह, नैन सिंह, पुष्पराज सिंह नेगी आदि के खेतों में खड़ी धान की फसल रौंद डाली। कहा कि हाथी मंडुवा, सोयाबीन, उड़द की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। काश्तकारों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी के झुंड को जंगल में खदेड़ने में सफलता हासिल की। ग्रामीणों ने वन विभाग से कई बार जंगल से सटे हुए लोगों के खेती सुरक्षा के लिए गांधी बंदूक, पटाखा, गंधक व पोटाश उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यूपी की सीमा की ओर से ग्रामीण हाथी सुरक्षा दीवार बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन क्षेत्र के काश्तकारों की मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्र के ज्यादातर लोग खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। सूचना पर कोटद्वार रेंज के वन कर्मियों ने प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना किया।
रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि झंडीचौड़ पश्चिमी में हाथियों द्वारा काश्तकारों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। क्षेत्र में रात्रि गश्त को भी बढ़ा दिया गया है।