राजस्व भूमि का हुआ चयन, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान, लोनिवि ने प्रस्ताव शासन को भेजा
हेलीपैड बनने से आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन गतिविधियों को मिलेगी गति
जयहरीखाल। जयहरीखाल ब्लॉक के ओडल गांव में राजकीय महाविद्यालय के पास हेलिपैड का निर्माण किया जाएगा। हेलिपैड के लिए राजस्व भूमि का चयन कर लिया गया है। राजस्व भूमि को उड्डयन विभाग को हस्तांतरण करने की औपचारिकताएं शुरू कर दी गई है। लोनिवि लैंसडौन की ओर इसके लिए प्रथम चरण में करीब 10 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है।
पर्यटन नगरी लैंसडौन के पास स्थित ओडल गांव में हेलिपैड का निर्माण होने से क्षेत्र में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निवासी संपूर्ण सिंह बिष्ट का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में आपदा जैसे आपातकाल के दौरान हेलिपैड जरूरी है। जयहरी के प्रधान प्रगति रावत, ग्रामीण शाका देवी, बीडीसी सदस्य शशि बिष्ट का कहना है कि नई पीढ़ी के लिए यह सुविधा वरदान बनेगी।
प्राचार्य प्रो. लवनी रानी राजवंशी का कहना है कि महाविद्यालय के समीप हेलिपैड बनने से शैक्षणिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। होटल कारोबारी बीरेंद्र रावत व राजीव धस्माना का कहना है कि हेली सेवा का सीधा लाभ स्थानीय पर्यटन को मिलेगा।
हेलिपैड के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। प्रथम चरण की तकनीकी रिपोर्ट व अनुमानित लागत शासन को प्रेषित की जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही समतलीकरण और आधारभूत निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
- विवेक कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडौन।