श्रीनगर। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फरासू के समीप करीब पांच घंटे यातायात ठप रहने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर एनएच लोनिवि खंड श्रीनगर के अधिशासी अभियंता के खिलाफ राजस्व उपनिरीक्षक की ओर से कोतवाली श्रीनगर में 65 आपदा अधिनियम व बीएनएस की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। फरासू के समीप श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील के किनारे से गुजर रहे ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 100 मीटर हिस्सा बीते वर्ष से ही अलकनंदा नदी में धंस रहा है। चारधाम यात्रा से पूर्व एनएच लोनिवि की ओर से इस स्थान पर पहाड़ काटकर मार्ग को चौड़ा किया गया लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश, अतिवृष्टि की वजह से बढ़ते जलस्तर से भूकटाव और भूस्खलन फिर शुरू हो गया। इस कारण हाईवे का काफी हिस्सा झील में समा गया। इस दौरान करीब पांच घंटे मार्ग पर यातायात ठप होने से दोनों और वाहनों की कतारें लग गईं। इस दौरान यात्रियों सहित अन्य लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके बाद विभाग ने भारी मशीनें लगाकर मार्ग को करीब पांच घंटे बाद यातायात के लिए खोल दिया। हालांकि इस स्थान पर भूकटाव का खतरा अभी भी बरकरार है।अब इस मामले में डीएम के निर्देश पर एनएच लोनिवि खंड श्रीनगर के अधिशासी अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।