कालागढ़/कोटद्वार। क्षेत्र की केंद्रीय काॅलोनी में खाली पड़े 94 राजकीय आवास जेसीबी से ध्वस्त कर दिए गए। तीन में से दो दीवार को धार्मिक स्थल से लगी होने से नहीं तोड़ा, जबकि एक को एनजीटी से राहत मिली।शनिवार को कालागढ़ की केंद्रीय काॅलोनी छावनी में तब्दील हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में एक-एक कर खाली पड़े राजकीय आवासों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर यह कार्रवाई आठ जनवरी को होनी थी। अब उच्च न्यायालय में सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। रामगंगा बांध परियोजना की अनुपयुक्त भूमि को खाली कराकर वन विभाग को सौंपा जा रहा है। 94 खाली पड़े आवासों को तीन जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किया जा रहा है। वहीं, इस दौरान शांति व्यवस्था के लिए एडीएम अनिल, एसडीएम कोटद्वार सोहन सिंह, एसडीएम लैंसडौन शालिनी मौर्य, तहसीलदार कोटद्वार साक्षी उपाध्याय, सीओ पौड़ी सदर त्रिवेंद्र सिंह राणा, सीओ कोटद्वार तुषार वोरा, रामगंगा बांध परियोजना के सहायक अभियंता रोहित ढाका, विजय सिंह, कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल, वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार व राजस्व विभाग के अधिकारी, डेढ़ कंपनी पीएसी सहित अनेक थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल से दूर रखा।