कोटद्वार। करीब एक साल के इंतजार के बाद कोटद्वार क्षेत्र की एक मात्र मालन नदी में सोमवार से खनन शुरू हो जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड वन निगम ने खनन खुलवाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। एक अप्रैल से मालन नदी में खनन खुलने से सरकारी और गैर सरकारी निर्माण एजेंसियों को राहत मिलेगी। एक साल से खनन न खुलने से निजी क्षेत्र के साथ ही सरकारी एजेंसियों को रेत, बजरी राज्य के बाहर से मंगवाना पड़ रहा था।
राज्य सरकार की ओर से उत्तराखंड वन विकास निगम को मालन नदी में खनन और चुगान का कार्य फिर से आवंटित कर दिया गया है। इस बार भी वन निगम को करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खनन और चुगान की अनुमति मिली है। वन निगम को शासन की ओर से 28558 घन मीटर उपखनिज उठान की अनुमति मिली है। इसके लिए वन विकास निगम की ओर से राज्य सरकार को पांच लाख रुपये की अग्रिम रायल्टी जमा करा दी गई है। बताया कि इस बार का आवंटन पिछली बार की तुलना में करीब आठ हजार घनमीटर अधिक है। एक अप्रैल, 2019 से शुुरू होने वाला खनन ठीक दो माह तक चलेगा। 31 मई को मानसून सत्र के कारण खनन बंद कर दिया जाएगा। वन विकास निगम के लौगिंग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट ने बताया कि पिछले साल सरकार की ओर से वन निगम 20507 घनमीटर उपखनिज उठाने की अनुमति मिली थी। यह आवंटन सीमा 18 अप्रैल, 2018 को समाप्त हो गई थी। इसके बाद से ही वन निगम फिर से मालन नदी में खनन चुगान की अनुमति के लिए प्रयासरत रहा। वन निगम को इस बार भी मालन नदी के ऊपरी छोर पर मोटर पुल के एक किमी का दायरा छोड़कर 12 हेक्टेयर का क्षेत्रफल चुगान के लिए आवंटित हुआ है। सोमवार से विधिवत मालन नदी में खनन चुगान कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।