कोटद्वार। वन अनुसंधान देहरादून (एफआरआई) के छात्र-छात्राओं के एक दल ने मंगलवार को उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद के कोटद्वार स्थित बांस प्रशिक्षण केंद्र में बांस उत्पादों को बनाने के गुर सीखे। इसके तहत छात्रों के दल ने बांस ट्रीटमेंट और बांस सुरक्षित रखना सीखा।
मंगलवार को एफआरआई देहरादून के वन प्रोडक्ट्स डिवीजन के डा. आखाटो सूमी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं का एक दल कोटद्वार के बांस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण के लिए कोटद्वार पहुंचा। डा. आखाटो सूमी ने बताया कि केंद्र सरकार के ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीएसडीपी) के तहत युवाओं को बांस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें छात्र-छात्राओं को बांस उगाना, सुखाना, मोड़ना, जोड़ना और बांस की विभिन्न प्रजाति व उसकी उपयोगिता और बांस से रोजगार के बारे बताया गया । बांस व रामबांस श्रेष्ठता एवं प्रचार-प्रसार केंद्र कोटद्वार के मास्टर ट्रेनर महावीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को आग से बांस को मोड़ना, बांस के डिजाइन और बांस से फर्नीचर बनाना सिखाया।
छात्रों के दल में देश के विभिन्न राज्यों के छात्र अमर शाहू, ओमबाबू गंगवार, वंदना, रवींद्र (जम्मू-कश्मीर), जीतेंद्र (चंडीगढ़), शशांक, दीपा (यमुनानगर), मोहित, शुभम, राजेश्वर आदि मौजूद रहे।