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गुमखाल में एक डाक्टर की संदिग्ध हालात में मौत

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जयहरीखाल/कोटद्वार।
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लैंसडौन तहसील के गुमखाल बाजार में इलेक्ट्रो होम्योपैथी की प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। डॉक्टर का शव उसके कमरे के पड़ा मिला। पुलिस ने शनिवार को दरवाजे की कुंडी तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेजा। पुलिस प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत की बात मान रही है। डॉक्टर के कमरे से एक कागज भी मिला है, जिसमें उन्होंने सीने में तेज दर्ज होने की बात लिखते हुए तीन चार लोगों को उधार में दी गई रकम लिखी है।
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उपनिरीक्षक नीरज त्यागी ने बताया कि शनिवार सुबह मकान मालिक रघुवीर सिंह ने उन्हें डॉक्टर के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने और अनहोनी की आशंका जताते हुए सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाल लैंसडौन एमपी पूर्वाल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कई लोगों की मौजूदगी में दरवाजे की कुंडी तोड़ी और कमरे में दाखिल हुईं। अंदर कमरे में डॉक्टर धीरेंद्र पटवाल (45) पुत्र रणजीत सिंह मृत पड़े थे। मुंह से थोड़ा झाग भी निकल रहा था और टीवी चल रहा था। पुलिस को कमरे के अंदर एक कागज मिला, जिस पर डॉक्टर ने लिखा था कि मां मेरे सीने में तेज दर्द हो रहा है। पर्चे में तीन चार उन लोगों के नाम और पैसे लिखे थे, जिन्हें संभवत: डाक्टर ने पैसे उधार में दिए थे। सूचना मिलते ही कोटद्वार से सीओ जेआर जोशी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को भवन स्वामी ने बताया कि डॉक्टर धीरेंद्र करीब 20 साल से गुमखाल में प्रैक्टिस कर रहे थे। नीचे उनका क्लीनिक है और इसके ऊपर वह कमरा किराए पर लेकर अकेले रहते थे। उनका परिवार कोटद्वार के पदमपुर सुखरौ में रहता है। दो दिन से जब उनका क्लीनिक नहीं खुला तो लोगों ने उनके कमरे का दरवाजा खोलना चाहा जो अंदर से बंद था। अनहोनी की आशंका के चलते पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। पुलिस का कहना है कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चल पाएगा।
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