कोटद्वार। दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप होने पर एक किमी. चढ़ाई चढ़कर पानी ढो रहे घाड़ क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया है। मंगलवार को उन्होंने समस्या का समाधान नहीं होने पर कोटद्वार जलसंस्थान कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया और अधिशासी अभियंता का घेराव कर नाराजगी जताई।
मंगलवार को ग्राम पंचायत उतिर्छा, बल्ली और तच्छाली के ग्राम प्रधानों के साथ ग्रामीण कोटद्वार जलसंस्थान कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीणों ने विभागीय अधिशासी अभियंता का घेराव किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने विभाग पर ग्रामीण क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि करीब 30 वर्ष पूर्व तच्छाली-बल्ली-उतिर्छा पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन तब से इस योजना की मरम्मत नहीं की गई है। 8 जुलाई को भारी बारिश के कारण भूस्खलन में पेयजल योजना के पाइप कई जगहों क्षतिग्रस्त हो गए। इसके कारण गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। तीनों गांव की करीब दो हजार की आबादी के अलावा क्षेत्र में चार स्कूल और दो स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव के लोग एक किमी. चढ़ाई चढ़कर प्राकृतिक स्रोत से लोग ढो रहे हैं। इस कारण उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पेयजल योजना का पुनर्गठन कर शीघ्र ग्रामपंचायतों में पेयजल आपूर्ति शुरू किए जाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान उतिर्छा विपिन चंद्र, ग्राम प्रधान बल्ली मधुदेवी, ग्राम प्रधान तच्छाली जितेंद्र सिंह, कल्याण सिंह, भाष्कर कुकरेती, कमलेश सिंह, प्यारे लाल चौधरी, पूरण लाल चौधरी, रोशन लाल चौधरी, राकेश सिंह, दीपक सिंह और संजय कंडारी मौजूद थे।