कोटद्वार। मालन नदी से पदमपुर मोटाढांक में हो रहे भूमि कटाव और आबादी क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग ने जेसीबी लगाकर नदी को चैनलाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया। बाढ़ और भूकटाव की सूचना पर बुधवार को एसडीएम कमलेश मेहता की अगुवाई में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित नंदपुर और पदमपुर मोटाढांक गांव का निरीक्षण किया। एसडीएम ने सिंचाई विभाग को आपदा अधिनियम के तहत तत्काल बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए।
बारिश से मालन नदी के तट पर स्थित पदमपुर मोटाढांक और नंदपुर गांव को बाढ़ और भूकटाव का खतरा पैदा हो गया है। मंगलवार रात को हुई बारिश से नंदपुर और पदमपुर मोटाढांक गांव में कई बीघा खेती की जमीन मालन नदी में बह गई थी। सूचना पर बुधवार को एसडीएम कमलेश मेहता, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर मोहन ड्यूंडी, एसडीओ सिंचाई सीपी भट्ट ने गांव के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि पदमपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। दोनों गांवों में जमीन के कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग को फौरी इंतजाम के निर्देश दिए हैं। उफनाई नदी से बाढ़ का पानी गांव की आबादी और खेतों को नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए नदी को जेसीबी से चैनलाइज किया जा रहा है। ग्रामीण रोशन लाल कुकरेती और मदनमोहन जोशी ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर भूमि कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है।