कोटद्वार। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से मणिपुर में आयोजित डिस्कवर नार्थ ईस्ट कल्चर-2018 में कोटद्वार की आशुकला समति की संस्थापक सुमित्रा रावत ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुमित्रा ने समारोह में उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित थड़िया चौफला लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति से मणिपुर के दर्शकों में उत्तराखंड की छाप छोड़ी।
20 से 23 जनवरी तक मणिपुर के इंफाल में आयोजित समारोह में लोक संस्कृति के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए संस्कृत मंत्रालय भारत के निर्देेश पर मणिपुर सरकार ने कोटद्वार की सुमित्रा रावत को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने उत्तराखंड के परंपरिक लोक गीत धार मां उरख्याली ब्वे चौ डांडा बथाऊं चा... और भागुली तीले घारू बोला... गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी टीम ने इन गीतों पर थड़िया चौंफला नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी।
समारोह से पहुंची सुमित्रा रावत ने इसे उसके और क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। कहा कि मिणिपुर में उनकी कार्यक्रम को स्थानीय लोगों सहित मणिपुर सरकार के महमानों ने उत्तराखंड का पहनावा और लोक नृत्य को खूब पसंद किया।
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