कोटद्वार। उत्तराखंड की सबसे बड़ी परिवहन कंपनी गढ़वाल मंडल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) की वार्षिक साधारण बैठक हंगामेदार रही। पूरे दिन चली बैठक में जहां पदाधिकारियों ने कंपनी के पूरे साल का लेखा-जोखा रखा, वहीं कोटद्वार के एचपीएल पैट्रोल/डीजल पंप को रुद्रप्रयाग के रामपुर में शिफ्ट करने पर हंगामा हुआ। देर शाम हुए मतदान में सर्वाधिक वोट पाने वाले यशवंत सिंह, पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह रावत और नरेंद्र सिंह भंडारी को संचालक (डायरेक्टर) निर्वाचित घोषित किया गया।
जीएमओयू मुख्यालय भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता जीत सिंह पटवाल ने की। पहले वार्षिक साधारण बैठक हुई, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद संचालकों के चुनाव की गहमागहमी रही। इस मौके पर कंपनी के नव निर्मित शेड का विधिवत पूजा के साथ शुभारंभ किया गया। बैठक के बाद देर शाम तक हुए चुनाव में कुल 338 मोटर मालिक सदस्यों में से 325 ने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव संयोजक दिवाकर दत्त बुड़ाकोटी, हरी सिंह त्यागी और बलवंत सिंह रावत की देखरेेख में चुनाव कराए गए।
कंपनी के सचिव विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि संचालक मंडल के चुनाव में छह प्रत्याशियों ने पर्चा भरा था। चुनाव में 325 वोट डाले गए, जिसमें से एक वोट अवैध मिला। यशवंत सिंह नेगी को सर्वाधिक 181 वोट पड़े। महावीर सिंह रावत को 179 और नरेंद्र सिंह भंडारी को 165 वोट पड़े। सर्वाधिक वोट पाने वाले इन तीनों को संचालक निर्वाचित किया गया। मतदान के दौरान चुनाव अधिकारियों के समक्ष ही मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए गए।