कोटद्वार। कोटद्वार को अलग जिला बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र के दस संगठनों ने तहसील में धरना दिया। संगठनों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र जिले को लेकर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
शनिवार को बार एसोसिएशन के बैनर तले, नागरिक मंच, गढ़वाल सभा, ग्रामीण विकास नागरिक मंच, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, क्षेत्रीय ग्राम प्रधान संगठन, जिला सर्वोदय मंडल, व्यापार मंडल, पूर्व सैनिक सेवा परिषद और स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति के पदाधिकारी तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने एसडीएम कार्यालय के पास कोटद्वार जिले की मांग को लेकर धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर क्षेत्रीय जनता की भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि राजनीतिक दल चुनाव के समय में कोटद्वार को जिला बनाने के लिए गंभीर दिखते हैं और फिर जनता को उसके हाल पर छोड़ देते हैं। लोगों को अपने सरकारी काम कराने के लिए कोटद्वार से 107 किमी. पौड़ी जाकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि वर्षों से लोग जिले की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शीघ्र कोटद्वार जिले को लेकर कार्रवाई नहीं किए जाने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुुमार पंत, आशुतोष देवरानी, विनोद चंद्र कुकरेेती, हीरश भदूला, योगंबर सिंह रावत, गोविंद डंडरियाल, नंदन सिंह रावत, लाजपत राय भाटिया, एलएन चावला, अजय अग्रवाल, चंद्रप्रकाश नैथानी, सुरेंद्र लाल आर्य, जीके बड़थ्वाल, प्रवेश चंद्र नवानी, राजेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद थे।