कोटद्वार। कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने रविवार को आपदाग्रस्त कई गांवों का भ्रमण कर अधिकारियों को संपर्क मार्गों की मरमत करने और नदियों से हो रहे भू-कटाव को रोकने के इंतजाम करने को कहा। इस दौरान उन्होंने जनता की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने डीएफओ लैंसडौन को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए। वन मंत्री ने कहा कि जिन गदेरों में बाढ़ का मलबा भरा पड़ा है, उसे वन निगम हटाकर राजस्व विभाग के जरिए उसकी नीलामी करवा दें।
वन मंत्री ने रविवार सुबह पनियाली गेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किए जा रहे सर्वे, मुआवजा वितरण, राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों से राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा। लोगों की शिकायत पर वन मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। कहा कि मालन, खोह, सुखरौ, पनियाली गदेरा और ग्वालगढ़ से संभावित खतरे को देखते हुए भू-कटाव रोकने के इंतजाम करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग और लोनिवि को पूरी ताकत के साथ आपदा प्रभावितों की मदद करने के लिए कहा गया है। इस मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान, नगर पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।