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सीडीओ करेंगी अतिक्रमणकारियों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने के मामले की जांच

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कोटद्वार। नगर निगम चुनाव में साक्ष्य देने के बाद भी अतिक्रमणकारी मेयर और पार्षद पद के कुछ प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने की अनुमति प्रदान करने के मामले की जांच अब मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी दीप्ति सिंह करेंगी। शासन के निर्देश पर डीएम पौड़ी ने सीडीओ को जांच सौंपी है।
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नगर निगम कोटद्वार के गत वर्ष नवंबर में हुए चुनाव के दौरान कालाबड़ निवासी आशीष किमोठी ने कांग्रेस प्रत्याशी हेमलता नेगी (वर्तमान में मेयर) और कुछ पार्षद प्रत्याशियों द्वारा अतिक्रमण करने पर निर्वाचन अधिकारी रामजी शरण शर्मा से साक्ष्यों के साथ शिकायत की थी। शिकायत में उनके नामांकन पत्र निरस्त करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा था कि कोई भी व्यक्ति जिसने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया हो या किसी अतिक्रमणकारी को शह दी हो वह चुनाव लड़ने के अयोग्य माना जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आशीष किमोठी ने इस मामले की शिकायत शासन को की थी। इसमें कहा गया कि तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी एडीएम पौड़ी रामजी शरण शर्मा ने मामले की सुनवाई करते हुए 26 अक्तूबर 2018 को दिए गए साक्ष्यों को नजरअंदाज कर उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया और अतिक्रमणकारियों को चुनाव लड़ने की अनुमति प्रदान कर दी।
शिकायत में कहा गया कि अतिक्रमणकारी हेमलता नेगी नगर निगम चुनाव में मेयर चुनी गई हैं, जो कि म्युनिसिपल एक्ट 1959 की धारा 16, 24, 25, 25 (ए) उत्तराखंड राज्य संशोधन की उपधारा 14 (ट) का स्पष्ट उल्लंघन है। संयुक्त सचिव शहरी विकास अनुभाग-3 उत्तराखंड शासन ने जिलाधिकारी गढ़वाल को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी गढ़वाल धीराज सिंह गर्ब्याल ने मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी दीप्ति सिंह को नामित कर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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