कोटद्वार। प्रदेश के वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने केंद्रीय वन एवं जलवायु मंत्री डा. हर्षबर्धन से नई दिल्ली में भेंटकर उत्तराखंड के मसलों पर बात की। उन्होंने पूर्व की तरह राज्य को पांच हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण स्वीकृति का अधिकार देने और कण्वाश्रम स्थित मृग विहार को रेस्क्यू सेंटर बनाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री की ओर से उन्हें दोनों मामलों में कार्रवाई का भरोसा मिला है।
कोटद्वार लौटने पर वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि उनकी केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन से शिष्टाचार मुलाकात हुई। इस मौके पर उत्तराखंड में वन भूमि पर प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं के निर्माण हेतु 5.00 हेक्टेयर तक के प्रकरणों में राज्य सरकार को स्वीकृति निर्गत करने केे लिए अधिकृत किये जाने का अनुरोध किया गया। बताया कि पूर्व में यह अधिकार राज्य सरकार को मिला था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। डा. रावत ने लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार में मृग विहार में रेस्क्यू सेंटर की स्थापना करने का भी अनुरोध किया। कहा कि कण्वाश्रम चौकीघाटा मृग विहार में वर्तमान में 27 चीतल एवं 07 सांभर मौजूद है। जनपद पौड़ी में मानव वन्य जीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लैंसडौन वन प्रभाग की ओर से उक्त मृग विहार को कण्वाश्रम रेस्क्यू सेंटर के रूप में स्थापित करने हेतु प्रस्ताव और डीपीआर पूर्व में केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली को भेजा गया है।