237 रिक्रूट बने सेना के अभिन्न अंग
देश रक्षा की शपथ ली, मिला राइफलमैन का दर्जा
कमान अधिकारी ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने दिलाई शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
लैंसडौन। दाहिने कंधे पर बहादुरी का प्रतीक लाल डोरी स्कारलेट धारण कर 74 कोर्स के 237 रिक्रूट भारतीय सेना में शामिल हो गए। गढ़वाल राइफल्स के कमान अधिकारी ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने रिक्रूटों को पद की गोपनीयता व राष्ट्रीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स की उच्च कोटि की परपंपराएं रही हैं। सामाजिक, युद्ध कौशल, खेलकूद, देश की आंतरिक रक्षा के अलावा विश्व युद्धों में इसने अपना नाम विश्व इतिहास के पृष्ठों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराया है। नवनियुक्त सैनिकों को भी इस दिशा में कर्तव्यनिष्ठ होकर काम करना है।
बतौर पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर चटर्जी ने युद्ध स्मारक जाकर शहीद सैनिकों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए वीर सैनिक प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित किए और रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण कर परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व दर्शन सिंह ने किया। परेड की सलामी लेने वालों में विपेन ट्रेनिंग आफिसर ले. कर्नल विक्रमजीत सिंह विक्र भी थे। सूबेदार दया राम जोशी के नेतृत्व में बैंड की धुन पर परेड जैसे ही सलामी मंच से गुजरी, वहां मौजूद हजारों की संख्या में मौजूद परिजनों ने तालियां बजाकर अपने लाडलों की हौसला अफजाई की।
इस मौके पर रिक्रटों ने धार्मिक गुरु शशांक शेखर डिमरी तथा सूबेदार जय सिंह चौहान की राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष धार्मिक ग्रंथ पर हाथ रख कर राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने व देश की एकता व अखंडता की रक्षा करने का संकल्प लिया।
बेस्ट रिक्रूटों को भी किया सम्मानित
पुनरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में अग्रणी रहे रिक्रटोें को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। ओवरआल परफॉर्मेंस में सचिन रमोला को स्वर्ण, राहुल को रजत व अनिल सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया। राहुल को सर्वश्रेष्ठ फायरिंग के लिए पदक, दशर्न सिंह को बेस्ट ड्रिल व बेस्ट शारीरिक प्रदर्शन के लिए जयदीप सिंह को पदक प्रदान किया गया। हवलदार गोविंद सिंह को बेस्ट अनुदेशक, सूबेदार कलम सिंह को बेस्ट कंपनी कमांडर के लिए प्रशस्तिपत्र प्रदान किया गया। डी कंपनी 21 प्लाटून को कंपनी चैंपियन बैनर का खिताब दिया गया। यह खिताब सूबेदार सुनील नौगांई ने ग्रहण किया।
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