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सुखरौ नदी पर हुए अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा

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कोटद्वार। ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के अंतर्गत सुखरौ नदी के किनारे हुए रविवार को अतिक्रमण पर जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन का डंडा चला। अधिकारियों ने अवैध रूप से नदी किनारे बनी खनन श्रमिकों की एक झोपड़ी और टायलेट का पिट तोड़ दिया। तहसीलदार ने अतिक्रमणकारी को दोबारा झोपड़ी बनाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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नदी में हो रहे अतिक्रमण के चलते स्थानीय नागरिकों ने डीएम से शिकायत की थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर तहसीलदार सीएस रावत पुलिस फोर्स के साथ सिमलचौड़ स्थित सुखरौ पुल के नीचे पहुंचे। प्रशासन और पुलिस को आते देेख झोपड़ी वाले भाग खड़े हुए। राजस्व कर्मियों ने तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में झोपड़ी को तोड़ डाला और उसके पास नदी में बना टायलेट के पिट को मिट्टी से भर कर अतिक्रमण हटाया।
स्थानीय नागरिक रमेश कुमार टम्टा, गिंदी दास, बृजमोहन कनियाल व जयपाल सिंह ने प्रशासन पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि उनके द्वारा डीएम के समक्ष शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने खानापूर्ति के लिए एक झोपड़ी तोड़ी, लेकिन उनके जाने के बाद फिर से अतिक्रमणकारियों द्वारा झोपड़ी को बना लिया गया। बताया कि सुखरौ पुल के पास यूपी से आए श्रमिकों के पास किसी प्रकार का पहचान पत्र नहीं है और न ही उनका पुलिस सत्यापन किया गया है। इसके कारण ग्राम पंचायत में खतरा बना हुआ है। शिकायत के बाद भी प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
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उधर, तहसीलदार सीएस रावत ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद सुखरौ पुल के पास से अतिक्रमण हटाया गया है। दोबारा से झोपड़ी बनाने पर कार्रवाई की जाएगी।

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