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संशोधित...इंद्रा रावत बनी लैंसडौन कैंट बोर्ड की नई उपाध्यक्ष...

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लैंसडौन। कैंट बोर्ड की सभासद इंद्रा रावत उपाध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। छावनी अध्यक्ष बिग्रेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष इंद्रा रावत को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बैठक में उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद कैंट बोर्ड के सदस्यों ने अन्य प्रस्तावों पर विमर्श किया।
मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैंट बोर्ड की बैठक शुरू हुई। सबसे पहले उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई। उपाध्यक्ष पद के लिए राजेश ध्यानी ने इंद्रा रावत के नाम का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसका दिनेश रावत ने समर्थन किया। सभासद राजेंद्र राना ने भी इंद्रा रावत का सर्मथन किया। सभासद सुमित्रा तटस्थ रहीं। निवर्तमान उपाध्यक्ष डॉ. एसपी नैथानी ने उपाध्यक्ष के लिए दिनेश रावत के नाम का प्रस्ताव रखा, लेकिन दिनेश रावत इस पद के लिए तैयार नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि वह उपाध्यक्ष पद के लिए इंद्रा रावत का समर्थन कर चुके हैं। अंतत: बहुमत के आधार पर इंद्रा रावत को उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित कर दिया गया। चुनाव प्रक्रिया में कैंट बोर्ड के छह निर्वाचित सदस्यों ने हिस्सा लिया। पिछली बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. एसपी नैथानी के त्यागपत्र के बाद यह पद रिक्त चल रहा था। उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए 17 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई थी।
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बैठक में निवर्तमान उपाध्यक्ष डा. एसपी नैथानी ने नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष इंद्रा रावत को हर रचनात्मक और विकास कार्यों में अपना सहयोग देने की बात कही। बैठक का संचालन मुख्य अधिशासी अधिकारी अंकिता सिंह ने किया। इस मौके पर छावनी परिषद के पदेन सदस्य भी मौजूद रहे।
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गत बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष डा. एसपी नैथानी के खिलाफ आया था अविश्वास प्रस्ताव
गत 27 सितंबर की कैंट बोर्ड की बैठक में चार सदस्यों दिनेश रावत, इंद्रा रावत, राजेश ध्यानी, राजेंद्र राना ने सीईओ के समक्ष उपाध्यक्ष डॉ. एसपी नैथानी के खिलाफ अविश्वास पत्र सौंपकर नए उपाध्यक्ष के चुनाव कराने की मांग की थी। सभासदों ने वर्ष 2013 में हुए चुनाव का जिक्र करते हुए बताया कि तब उपाध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे। बाद में दोनों उम्मीदवारों डॉ. एसपी नैथानी तथा राजेश ध्यानी के मध्य हुए समझौते के तहत ढाई-ढाई साल की अवधि के लिए उपाध्यक्ष बनना तय हुआ था। सभासद राजेश ध्यानी का कहना था कि डॉ. नैथानी अपने वायदे से मुकर गए हैं और उन्होंने ढाई साल की अवधि बीत जाने के बाद भी उनके लिए पद रिक्त नहीं किया। डा. नैथानी की वायदा खिलाफी के विरोध में उन्होंने अपना समर्थन वापस लेने की बात कही। इसके बाद तीन और सदस्यों इंद्रा रावत, दिनेश रावत, राजेंद्र राना ने भी उपाध्यक्ष के प्रति अपना अविश्वास जताते हुए अविश्वास पत्र सीईओ को सौंप दिया था। तब कैंट बोर्ड अध्यक्ष बिग्रेडियर इंद्रजीत चटर्जी ने 17 अक्तूबर को उपाध्यक्ष का चुनाव कराने की तिथि निर्धारित की गई थी।
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