किशनपुर/कोटद्वार। अखिल भारतीय किसान सभा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रापर्टी डीलर और भूमाफिया से खेती की जमीन बचाने की गुहार लगाई है। कहा कि प्रापर्टी डीलरों ने भाबर में ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि काश्तकार अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। उनकी सिंचाई गूलें, संपर्क मार्गों पर कब्जे कर दिए गए हैं। कई जगह प्लाटिंग कर खेत खुले छोड़ दिए हैं, जिससे मवेशी आसपास की खेती चौपट कर रहे हैं।
अखिल भारतीय किसान सभा के संरक्षक ज्ञान सिंह नेगी, मधुसूदन नेगी, अमर प्रभाकर, जेपी बहुखंडी, राजेंद्र डबराल, राजेंद्र जोशी, एनएस रावत, नवल गौड़ ओर कुंवर सिंह नेगी समेत कई काश्तकारों ने प्रशासन को काश्तकारों की दिक्कत से अवगत कराया है। कहा कि भाबर क्षेत्र के लछमपुर, मगनपुर, किशनपुर, रामदयालपुर समेत पूरे इलाके में प्रापर्टी डीलरों ने वैध और अवैध तरीके से खेती की जमीन पर प्लाटिंग कर दी है। इन प्लाटों में आवाजाही के लिए सीसी मार्ग बना दिए गए हैं, लेकिन कहीं पर भी गेट नहीं बनाए गए हैं, जिससे मवेशी उनकी फसल चौपट कर रहे हैं। कहा कि एक ही गांव में कई जगह प्लाटिंग से ऐसे हालात पैदा कर दिए जा रहे हैं कि बीच में फंसा काश्तकार अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। कहा कि भाबर का किसान पहले से ही आपदा की मार झेल रहा है, ऐसे में भूमाफिया ने सिंचाई गूलें और लाइनिंग गूलों पर कब्जे कर लिए हैं। खेतों में इन गूलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गांवों में सिंचाई विभाग की छह फीट की सिंचाई गूलें आज भी विभाग के मानचित्र में अंकित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों की जमीन बचाने, सिंचाई गूलों की पैमाइश करवाकर कब्जे हटवाने की गुहार लगाई है। कहा कि आवाज बुलंद करने वाले किसानों और जनप्रतिनिधियों को भूमाफिया देख लेने तक की धमकी दे रहा है। जिससे उनमें डर बना हुआ है।