कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने स्कूल ड्रेस विक्रेता की ओर से अभिभावक के साथ की गई अभद्रता का विरोध किया। आक्रोशित पूर्व सैनिकों ने प्रशासन से स्कूल ड्रेस विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
रविवार को परिषद कार्यालय कालाबड़ में आयोजित बैठक में पूर्व सैनिकों ने शिक्षा विभाग पर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की शह पर स्कूल ड्रेस विक्रेता मनमाना दाम वसूल रहा है। विरोध करने पर अभिभावकों के साथ अभद्रता कर रहा है। इस प्रकार की घटना निंदनीय है। स्कूल ड्रेस विक्रेता का सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के लिए कहीं न कहीं प्रदेश सरकार भी जिम्मेदार है। सरकार आंखें मूूंदकर प्राइवेट स्कूूलों को मान्यता दे रही हैं,
परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैप्टन सीपी डोबरियाल (सेनि) ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए परिषद ने कोटद्वार मेेें केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए लंबा आंदोलन किया। लंबे संघर्ष के बाद कोटद्वार के झंडीचौड़ में केंद्रीय विद्यालय खुलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विद्यालय के खुलने से किसी हद तक अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से मुक्ति मिलेगी। चेताया कि ऐसा नहीं होने पर पूर्व सैनिक तिरंगे के साथ सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृृष्ण बड़थ्वाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कै. सीपी डोबरियाल, अनूप बिष्ट, सुभाष कुकरेती, बलवान सिंह रावत व सुरेश रावत आदि मौजूद थे।