कोटद्वार। अगस्त के पहले सप्ताह में कोटद्वार-भाबर क्षेत्र में आई आपदा के बाद अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू नहीं हुए हैं। कई सड़कें और नहरें आपदा की भेंट चढ़ गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्य ठप पड़े होने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी दुगड्डा पर कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने शीघ्र ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश नेगी, दान सिंह पान, दिक्का देवी, लक्ष्मी देवी, सिद्धि देवी सहित ग्रामीणों ने खंड विकास कार्यालय पर ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि अगस्त में कोटद्वार में भारी बारिश के बाद आई आपदा के चलते विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में भूमि कटाव के चलते कई सड़कें और नहरें क्षतिग्रस्त हो र्गइं। कुंभीचौड़ स्थित लाइब्रेरी की बुनियाद आपदा की भेंट चढ़ चुकी है। इससे लाइब्रेरी का भवन कभी भी धराशायी हो सकता है।
दुगड्डा क्षेत्र पंचायत प्रमुख सुरेश असवाल ने कहा कि आपदा के डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी खंड विकास अधिकारी की ओर से क्षेत्र में निर्माण कार्यों के प्रति कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी पर जरूरी विकास कार्यों को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज लालपानी के पीटीए संघ के सदस्य सतीश मलासी ने कहा कि आपदा के चलते इंटर कॉलेज की सुरक्षा दीवार को खासा नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र ही खंड विकास अधिकारी की ओर से आपदा में क्षतिग्रस्त विकास कार्यों के प्रति लापरवाही बरती तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे।
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