कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारी जन मोर्चा ने शिब्बूनगर में आयोजित बैठक में आकाशवाणी नजीबाबाद से ‘‘ग्राम जगत’’ कार्यक्रम को हटाने के निर्णय का विरोध किया है। जन मोर्चा ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय की घोर निंदा की है। मोर्चा ने पौड़ी, देहरादून और अल्मोड़ा में भी आकाशवाणी का 200 किलोवाट क्षमता का प्रबंध किए जाने की मांग केंद्र सरकार से की है।
मोर्चा के अध्यक्ष डा. शक्तनिशैल कपरवाण ने केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आकाशवाणी नजीबाबाद से ‘‘ग्राम जगत’’ कार्यक्रम को हटाने के निर णय का अर्थ है कि भाजपा उत्तराखंड की लोकभाषा, लोकसंस्कृति और लोक गीतों का विरोध करना है। लोकभाषाएं, लोक संस्कृतियां और लोकगीत उत्तराखंड वासियों की पहचान, सभ्यता और जीवन भी है। जिसे समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। कहा कि लोकभाषाएं, लोक संस्कृतियां और लोकगीतों को बचाने के लिए आवश्यकता पड़ी तो जनांदोलन भी किया जाएगा। कहा कि डा. कपरवाण ने कहा कि पौड़ी-देहरादून से मात्र 10 किलोवाट क्षमता के केंद्र है और इनकी रेंज बहुत ही कम है। जबकि नजीबाबाद आकाशवाणी 200 किलोवाट क्षमता का केंद्र है और उत्तराखंड में भी सुनाई देता है। डा. कपरवाण ने पौड़ी, देहरादून और अल्मोड़ा में भी आकाशवाणी का 200 किलोवाट क्षमता का प्रबंध किए जाने की मां ग केंद्र सरकार से की है। इस मौके पर प्रवेश चंद नवानी, प्रवेंद्र रावत, रामचंद्र जुयाल, विजय ध्यानी, सुरेंद्र आर्य, कोमल सजवाण, अनुसूया प्रसाद सेमवाल, मुकेश देवरानी, पुष्कर रावत, विजय कंडारी आदि मौजूद थे।