दुगड्डा। राज्य सभा सदस्य अनिल बलूनी द्वारा गोद लिए गए दुगड्डा ब्लॉक के गैर आबाद गांव बोरगांव में शनिवार को इको टूरिज्म बोर्ड की टीम पहुंची। टीम ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इको टूरिज्म बोर्ड के सदस्य प्रवीन शर्मा ने कहा कि प्रथम चरण में गांव को यातायात मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए लंगूरगाड़ नदी में स्टील गार्डर पुल और संचार माध्यम को सशक्त बनाने के लिए मोबाइल टावर लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी ।
दुगड्डा ब्लॉक के गैर आबाद गांव बोरगांव को राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ने 21 सितंबर को गोद लेने की घोषणा की थी। सांसद बलूनी के प्रयासों से सरकारी तंत्र बोरगांव में रिर्वस माइग्रेशन के लिए योजनाएं तैयार कर गांव को विकसित बनाने में जुट गया है। शुक्रवार शाम दिल्ली से इको ट्ररिज्म बोर्ड के सदस्य प्रवीन शर्मा ने टीम के साथ बोरगांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गांव को आबाद करने के उद्देश्य से होम स्टे योजना को शुरू किया जाएगा। पर्यटन से जोड़ने के लिए गांव में पहले सड़क सुविधा और संचार सेवा को सुचारु बनाने के लिए मोबाइल टावर लगाया जाएगा। मांडई से दालमीसैंण, बोरगांव ट्रैकिंग रूट दो किमी में लंगूरगाड़ नदी में स्टील गार्डर पुल का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य के तहत की कीमूसेरा, जुगडीसेरा, दालमीसैंण, बोरगांव और सैलानी को यातायात मार्ग से जोड़ा जाएगा। उद्यान विशेषज्ञ डा. एसएन मिश्रा ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा सीट्रस प्रजाति की नर्सरी, ग्रीन हाउस निर्माण और सब्जी उत्पादन से ग्रामीणों को लाभान्वित किया जाएगा। इस अवसर पर बीडीओ सुमन राणा, ग्राम प्रधान वेदप्रकाश जुयाल, उद्यान पर्यवेक्षक सीमा रावत, उद्यान कर्मी सुरेंद्र प्रसाद जुयाल, ग्रामीण सुरेंद्र सिंह व देवेश्वरी देवी आदि मौजूद थे। इससे पूर्व 26 नवंबर को एशियन होटल नार्थ की टीम ने और 28 नवंबर को सीडीओ दीप्ति सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर गांव पहुंचकर विकास की संभावनाएं तलाशी थीं।
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