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सीएम के दफ्तर पहुंचा कण्वाश्रम में परीक्षण उत्खनन की अनुमति दिलाने का मामला

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कोटद्वार। महर्षि कण्व की तपस्थली और चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम में परीक्षण उत्खनन की अनुमति दिलाने के लिए प्रांत प्रमुख संघर्ष वाहिनी और स्वदेशी जागरण मंच उत्तराखंड का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को अपर प्रमुख वन संरक्षक से परीक्षण उत्खनन की अनुमति दिलवाने मांग की है।
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स्वदेशी जागरण मंच की संघर्ष वाहिनी के प्रांत प्रमुख और भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री प्रवीण पुरोहित की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने सीएम को एक ज्ञापन सौंपा। कहा कि कण्वाश्रम राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत की जन्मस्थली है। उनके नाम पर ही देश का नाम भारत पड़ा। कहा कि कण्वाश्रम में बीते कई सालों में बाढ़ के दौरान अनेक प्राचीन शिलापट, मूर्तियां, मंदिर निर्माण में प्रयुक्त किए जाने वाले देव स्तंभ मिलते रहे हैं। इससे कण्वाश्रम के भूगर्भ में इतिहास छिपे होने की बात कही जा रही है। लंबे समय से लोग कण्वाश्रम में खुदाई की मांग कर रहे हैं, जिससे भारत का गौरवशाली प्राचीन इतिहास सामने आ सके।
पुरोहित ने सीएम को बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली ने मार्च 2018 को इस स्थल के परीक्षण उत्खनन की स्वीकृति दी थी। इस दृष्टि से अधीक्षण पुरातत्वविद ने मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर एनओसी दिलाने की मांग की थी। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल ने प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड को 18 मई, 2018 को पत्र लिखकर फाइल आगे सरका दी। तब से यह मामला प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय देहरादून में लंबित पड़ा है।
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